पलवल। पापा हमें घर बुला लो, यहां अब जान को पूरा खतरा है। रूसी सेना हमारे यहां से मात्र 10 किलोमीटर दूर है। लगातार बम के धमाके हो रहे हैं। हमें हॉस्टल से निकालकर एक बंकर में ठहरा दिया है। जहां सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। सौंदहद गांव निवासी प्रताप सिंह के पुत्र कृष्ण ने शुक्रवार को फोन कर अपने पिता से गुहार लगाई। इतना ही नहीं कृष्ण ने अपने पिता को उस बंकर की तस्वीर भी व्हाट्सएप पर भेजी है, जिसमें उसके अलावा 699 और लोगों को ठहराया गया है।
कृष्ण ने पिता को बताया कि सरकार इस बंकर को सुरक्षित बता रही है, लेकिन कुछ दिन ऐसे ही रहे तो वह वैसे ही मर जाएगा। उधर, अपने बेटे की व्यथा सुनकर प्रताप व उसकी पत्नी सहित परिवार के अन्य लोगों का भय के मारे बुरा है। मां के तो आंसू ही नहीं रुक रहे हैं।
जिले के इस समय यूक्रेन में एमबीबीएस, एमबीए तथा अन्य कोर्स में दाखिला लेकर करीब 15 युवा पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें तरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में पलवल के गांव मांदकौल से विपिन शर्मा, पलवल से लोकेश बघेल, श्रुति तेवतिया, तमन्ना शर्मा फरीदाबाद, हिमानी दूबे और शिवानी दूबे फरीदाबाद, पृथला गांव से सतपाल तंवर, अतुल कुमार, सचिन कुमार, चारूल और लक्ष्य शामिल हैं। ये लोग यूक्रेन में फंसे हुए हैं। होडल के गांव सौंदहद का कृष्ण कीव में फंसा हुआ है। ये छात्र लगातार फोन पर अपने परिजनों से संपर्क में है। परिजन भी अपने बच्चों की जान को लेकर बेहद चिंतित है, अधिकारियों व विधायकों से संपर्क कर रहे हैं। कुछ बच्चों के परिजन तो केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से भी मिले तथा अपने बच्चों को सुरक्षित भारत बुलाने की गुहार लगाई।
तरनोपिल स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में है शांति
पोलेंड की सीमा के नजदीक यूक्रेन के तरनोपिल शहर की स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे लोकेश अत्री ने फोन पर बताया कि रूसी सेना द्वारा की जा रही बमबारी के चलते यूक्रेन के आसमान में धुआं छाया हुआ है। रूस ने यूक्रेन के एयरबेस को तबाह कर दिया है और राजधानी कीव पर बमबारी जारी है। तरनोपिल स्टेट में अभी तक शांति है और कोई हमला नहीं हुआ है। खाने-पीने का सामान बेचने वाले स्टोर खुले हैं और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जारी है। इसके बाद भी भय का माहौल है और हम लोग घबराए हुए हैं। यहां से निकलने के लिए भारतीय दूतावास से अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।
सुनाई दे रही हैं सैन्य एयरक्राफ्ट की आवाज
कृष्ण व लोकेश अत्री के मुताबिक सैन्य एयरक्राफ्ट की आवाज सुनाई दे रही हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि लंबा सायरन सुनाई पड़े तो सुरक्षित जगह तलाशें। यूक्रेन सरकार की तरफ से यूनिवर्सिटी संचालकों को बिल्डिंग्स में बंकर बनाने की हिदायत दी गई है। जरूरी सामान और दस्तावेज पैक कर लिए हैं और निकलने की प्रक्रिया शुरू होते ही मातृभूमि लौटेंगे।
यूक्रेन में फंसे जिले के छात्रों व लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जानकारी लेकर सरकार को भिजवाई जा रही है। परिजनों से मिलकर उन्हें आश्वस्त किया जा रहा है। कोई भी घबराए नहीं, उनके बच्चों को जल्द लाया जाएगा। सरकार पूरे इंतजाम कर रही है।
- कृष्ण कुमार, जिला उपायुक्त