फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: अपहरण कर हत्या के मामले में गिरफ्तारी न होने पर पलवल-सोहना रोड किया जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
- चार बच्चों सहित सड़क पर बैठकर विलाप करने लगी मृतक की पत्नी
विज्ञापन

- डीएसपी के आश्वासन पर डेढ़ घंटे बाद खोला जाम

संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गांव घुघेरा के नंगला निवासी युवक की अपहरण के बाद पीट-पीटकर हत्या के मामले में गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने पलवल-सोहना रोड को जाम कर दिया। सैकड़ों ग्रामीणों के साथ परिजन सड़क पर बैठकर विलाप करने लगे, जिससे सड़क पर वाहनों की लाइन लग गई। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर डीएसपी नरेंद्र खटाना के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे बाद डीएसपी खटाना द्वारा आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद जाम खोल दिया गया।
दरअसल, गांव घुघेरा का नंगला निवासी राकेश ने शनिवार को सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसका भतीजा जोगिंद्र 16 फरवरी शुक्रवार को गांव गेलपुर स्थित रिश्तेदारी में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए गया था। देर शाम जोगिंद्र अपनी बाइक पर वापस घर लौट रहा था। गांव गेलपुर के अड्डे पर गांव गेलपुर निवासी कृष्ण, विष्णु, पवन, रोहित, मोहित, अजीत, बॉबी, कर्नल, आजाद, भारत, कैराका निवासी सुल्ले, गांव बहरौला निवासी ललित व आठ-10 अन्य युवकों ने उसे घेर लिया और हथियार दिखा अपनी गाड़ी में डालकर कैराका के जंगल में ले गए। जंगल में ले जाकर आरोपियों ने जोगिंद्र को लाठी-डंडों, सरिया, धारदार हथियार, कांच की बोतलों से बेरहमी से पीटा। मरा हुआ समझकर आरोपी विष्णु ने गांव घुघेरा निवासी सतवीर के पास फोन किया कि जोगिंद्र को जान से मार दिया, इसे कैराका के जंगल से उठाकर ले जाओ। सूचना मिलते ही वह तुरंत मौके पर पहुंचे और जोगिंद्र को ढूंढने का प्रयास किया। जोगिंद्र उन्हें बेहोशी की हालत में मिला। उसने पलवल के नागरिक अस्पताल लाते समय उक्त आरोपियों के नाम बताए। पलवल के सरकारी अस्पताल में जोगिंद्र का प्राथमिक उपचार हुआ, जहां उसके दोनों पैर और शरीर की अन्य हड्डियां टूटी मिलीं। पैरों में कांच लगे हुए थे। गंभीर हालत को देखते हुए जोगिंद्र को दिल्ली रेफर कर दिया गया, जहां ले जाने पर उसने दम तोड़ दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

शनिवार देर रात को परिजनों ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर पलवल-सोहना रोड को जाम कर दिया। मृतक की पत्नी अपने चार बच्चों सहित सड़क पर बैठकर विलाप करने लगी। सैंकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे डीएसपी नरेंद्र खटाना ने जाम लगा रहे परिजनों को आश्वासन दिया कि दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है, बाकी की तलाश में पुलिस की टीम जुटी हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस को पांच दिन का समय दिया है कि यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो मजबूर होकर उन्हें दोबारा रोड जाम करना पड़ेगा। करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खोल दिया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें