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शादी की उम्र बेशक न हो पर यदि लड़का व लड़की बालिग हैं तो रह सकते हैं साथ

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पलवल। संविधान के अनुसार यदि लड़की की उम्र शादी लायक है और लड़के की उम्र अभी शादी के लायक नहीं है, लेकिन दोनों बालिग हैं तो फिर वे एक साथ बिना शादी किए भी रह सकते हैं। ऐसा आदेश बृहस्पतिवार को पलवल के वरिष्ठ वकील अमन अरोड़ा द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक अनुच्छेद 226/227 के अंतर्गत दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। ये आदेश न्यायाधीश हरनरेश सिंह गिल ने दिए हैं।
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वकील अमन अरोड़ा ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अनुच्छेद 226/227 के अंतर्गत एक याचिका दायर की थी कि यदि लड़का व लड़की बालिग है लेकिन लड़के की उम्र 21 साल से कम (अभी शादी लायक नहीं है) तो उन्हें एक साथ रहने की इजाजत दी जाए। इसके लिए दोनों को पुलिस की सुरक्षा भी दी जाए, ताकि उनके परिजन कोई गलत काम उनके साथ न कर सकें। इस सुनवाई पर बहस सुनते हुए न्यायाधीश हरनेश सिंह गिल ने आदेश सुनाया है कि बेशक लड़के की उम्र 21 साल शादी लायक नहीं है, लेकिन फिर भी संविधान के अनुच्छेद 21 के अनुसार हर नागरिक को बालिग होने के बाद उसे अपना जीवन जीने की अनुमति है। ऐसे में उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। आदेश में न्यायाधीश ने कहा है कि बेशक लड़के की उम्र शादी लायक नहीं है, लेकिन वह बालिग लड़की, जो कि शादी लायक हो चुकी है, उसके साथ आपसी सहमति से रह सकता है। न्यायाधीश ने जिला पुलिस अधीक्षक पलवल को आदेश दिए हैं कि लड़का व लड़की के साथ रहने के लिए उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए, ताकि उनके मौलिक अधिकारों की उल्लंघन न हो।
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