हथीन। समीपवर्ती गांव घुड़ावली में पहाड़ी खनन से बने गहरे तालाबों में सरकार ने आम आदमी विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए हैं। जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है। इन तालाबों में डूबकर अब तक आधा दर्जन बच्चों की मौतें हो चुकी हैं। मानव अधिकार आयोग भी मौतों पर संज्ञान ले चुका है। इसके बावजूद सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। खनन कर खोदे गए ये तालाब कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस तरफ न तो खनन विभाग का ध्यान है और न ही प्रशासन को इसकी चिंता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब खनन ठेकेदारों ने पहाड़ी खोदकर बनाए हैं। खनन ठेकेदार खोदकर संपदा को ले गए। इसके बाद बने गहरे तालाब लोगों के लिए अभिशाप बने हुए हैं। बच्चे तालाबों में उत्सुकतावश चले जाते हैं और डूबकर असामयिक मौत के मुंह में चले जाते हैं। अब तक कई मौतें हो चुकी हैं। गांव के लोग तालाबों को मौत के तालाब के रूप में मानते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार को तालाबों में सुरक्षा के आवश्यक प्रबंध करने चाहिए।
सुरक्षा प्रबंध कराने की मांग कई बार की जा चुकी है। खनन विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा है हमारी मांग है कि तालाबों के चारों तरफ डौल बनानी चाहिए। तालाबों के चारों तरफ बाउंड्री एवं डूबने का खतरा होने एवं सावधान रहने के बोर्ड लगाने चाहिए। जिससे सब सावधान रह सकें।
- अजमल खान, पूर्व सदस्य ब्लॉक समिति व घुडावाली निवासी
तालाबों में सुरक्षा प्रबंध की मांग सरकार से की गई है। वे व्यक्तिगत रूप सभी प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर रहे हैं कि सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं। शीघ्र ही इस विषय में खनन मंत्री को ज्ञापन भी दिया जाएगा। गहरे तालाब होने से बड़ों और बच्चों सभी को गिरने का खतरा बना रहता है।
- हक्कू खान, सचिव भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा
पिछली सरकार के समय के कार्यकाल में खनन का कार्य हुआ था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा प्रबंध करने के लिए खनन विभाग से संपर्क कर उचित कदम उठाए जाएंगे। लोगों से भी सावधान रहने की अपील की है। साथ ही तालाब से दूर रहने को भी कहा है।
- सूरज पांडे, सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन
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मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मैं इस बारे में खनन विभाग के अधिकारियों से बात करूंगा। लोगों की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। उसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
- लक्ष्मीनारायण, एसडीएम हथीन