40 गर्भवती भी शामिल, 2025 में अब तक 37 नए एचआईवी पॉजिटिव केस आ चुके हैं सामने
37 मरीजों में इस साल की गई संक्रमण की पुष्टि
निशांत पटेल
पलवल। जिले में पिछले पांच वर्षों में एचआईवी के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखने को मिली है। जिला नागरिक अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 से लेकर 2024 तक कुल लगभग 600 लोगों में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से करीब 40 केस गर्भवती महिलाओं के भी हैं, जिससे नवजात शिशुओं में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
इसके अलावा वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक जिले में 37 नए एचआईवी पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं, जिनमें से दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। साथ ही जिला नागरिक अस्पताल के आईसीटीसी ओपीडी में प्रतिदिन 25 से 30 लोग अपनी जांच कराने आते हैं।
तीन गुना बढ़े केस
साल दर साल एचआईवी संक्रमित मामलों में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2020 में 53 केस सामने आए थे, जो 2021 में बढ़कर 82 हो गए। इसके बाद 2022 में 147, 2023 में 145 और 2024 में 160 नए मामलों की पुष्टि हुई। यानी पांच साल में एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या तीन गुना तक पहुंच गई है। इस अवधि में लगभग 40 गर्भवती महिलाओं में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, इस संक्रमण में यदि समय पर उपचार न मिले तो स्तनपान के दौरान यह नवजात शिशु में भी फैल सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच और इलाज आवश्यक हो गया है।
इलाज के लिए भेजा जाता है बीके अस्पताल
एचआईवी/एड्स के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव तंवर के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में लोगों में जागरूकता बढ़ी है और जांच की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इससे मामलों की जल्दी पहचान और समय पर इलाज संभव हो सका है। डॉ. तंवर ने बताया कि एचआईवी पॉजिटिव पाए गए मरीजों को आगे की चिकित्सा सुविधा के लिए फरीदाबाद के बीके अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर भेजा जाता है, जहां उनका इलाज जारी रहता है।
जिले में एचआईवी संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सजग है। आईसीटीसी केंद्रों पर नियमित जांच और परामर्श की व्यवस्था है। गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, उपचार और फॉलोअप से हम मां से बच्चे में संक्रमण की संभावना को न्यूनतम करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी प्राथमिकता है कि सभी हाई-रिस्क ग्रुप तक जांच और उपचार की सुविधा पहुंचे। - डॉ. जयभगवान जाटान, सीएमओ, पलवल