अमृत योजना के दूसरे चरण के तहत 25 हजार नए घरेलू कनेक्शन होंगे, लोगों को हर मौसम में निर्बाध और पर्याप्त जल मिलेगा
नंबर गेम - 2 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
सचिन कुमार
पलवल। जिले में स्वच्छ और सतत जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यमुना किनारे गांव थंथरी में छह रैनी कूप बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से नगर परिषद क्षेत्र और आसपास के लगभग दो लाख नौ हजार लोगों को शुद्ध जल आपूर्ति होगी। यह कार्य अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन योजना के दूसरे चरण (अमृत 2.0) के तहत किया जाएगा। इसके तहत 25 हजार नए घरेलू कनेक्शन किए जाएंगे।
इस योजना की कुल लागत 522 करोड़ रुपये है। इसके पूरा होने पर नागरिकों को हर मौसम में निर्बाध और पर्याप्त जल मिलेगा। परियोजना की निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अनुमान है कि अगले दो से तीन महीनों में सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और निर्माण कार्य प्रारंभ होकर तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा।
इस योजना के पूरे होने पर हर घर को स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति होगी। इससे लंबे समय से चली आ रही जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। भविष्य में आबादी बढ़ने पर भी जल आपूर्ति की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी। यदि कभी बिजली कटौती होती है तो सभी बूस्टिंग स्टेशनों में जनरेटर की व्यवस्था रहेगी, जिससे जल वितरण सुचारु रूप से चलता रहेगा।
रैनी कूप निर्माण
कुल संख्या – 6 रैनी कूप
प्रत्येक की गहराई – 37 से 40 मीटर
चौड़ाई – 6 मीटर
प्रत्येक कूप से प्रतिदिन 10 मिलियन लीटर प्रतिदिन (दस लाख लीटर प्रतिदिन) जल निकासी होगी
प्रत्येक में तीन मोटर (प्रत्येक की क्षमता 40 हॉर्स पावर) लगाई जाएंगी
कुल मोटर – 18 यूनिट
प्रत्येक रैनी कूप के लिए 1.25 एकड़ भूमि आवश्यक
पाइपलाइन नेटवर्क
मुख्य पाइपलाइन
रैनी कूप से मुख्य बूस्टिंग स्टेशन तक लंबाई – 16 किलोमीटर
पाइप का व्यास – हजार मिलीमीटर
निर्माण सामग्री – पूर्व तनावित सीमेंट कंक्रीट पाइप एवं डकटाइल आयरन पाइप
भूमिगत गहराई – 3 से 4 फुट
वितरण पाइपलाइन
कुल लंबाई – 75 किलोमीटर
पाइप व्यास – 150 मिलीमीटर से 1200 मिलीमीटर
घरेलू कनेक्शन हेतु पाइपलाइन – 75.35 किलोमीटर, व्यास 100 से 200 मिलीमीटर
बूस्टिंग स्टेशन और भंडारण क्षमता
7 नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे
7 पुराने बूस्टिंग स्टेशन से जोड़े जाएंगे
सभी में जनरेटर बैकअप व्यवस्था
मुख्य बूस्टिंग स्टेशन
स्थान – गांव थंथरी
क्षमता – 13 हजार किलोलीटर
निर्माण हेतु 4 एकड़ भूमि खरीदी जाएगी
दूसरा मुख्य बूस्टिंग स्टेशन
स्थान – किठवाड़ी
क्षमता – 13 हजार किलोलीटर
अन्य स्टेशन और उनकी स्टोरेज क्षमता
गोविंद नगर – 18 लाख लीटर
कुशलीपुर – 19 लाख लीटर
सोहना रोड – 19 लाख लीटर
लघु सचिवालय – 18 लाख लीटर
फैजलपुर – 4.5 लाख लीटर
धौलागढ़ – 3.9 लाख लीटर
रायपुर – 3 लाख लीटर
मोहन नगर में ओवरहेड टंकी
क्षमता – तीन लाख तीस हजार लीटर
नए कनेक्शन
पच्चीस हजार नए घरेलू कनेक्शन जोड़े जाएंगे।
पुराने सात बूस्टिंग स्टेशन का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।
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परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहर में पानी की आपूर्ति बढ़ेगी और इसकी गुणवत्ता में भी सुधार होगा। यह पानी यमुना फ्लड प्लेन से शहर में पहुंचाया जाएगा। - दीपेंद्र राज सिंह, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पलवल