ऑपरेशन सिंदूर में हुए थे शहीद, श्रद्धांजलि सभा के खर्च और गांव का नाम बदलने को लेकर बढ़ा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। शहीदी दिवस पर ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की गोलीबारी के दौरान शहीद हुए गांव मोहम्मदपुर निवासी शहीद लांस नायक दिनेश कुमार शर्मा के घर पर हमला करने का मामला सामने आया है। शहीद के परिजनों के अनुसार, यह हमला गांव के सरपंच और उसके परिजनों द्वारा करवाया गया है। हमले में परिवार के नौ लोग घायल हो गए। यह घटना सोमवार रात नौ बजे की है।
शहीद के पिता का आरोप है कि सरपंच युगपुरुष और पिता भूपराम पाठक ने शहीद के श्रद्धांजलि सभा में खर्च हुए 52 हजार रुपये लेने के बावजूद मीडिया के सामने मना कर दिया। जब उन्होंने पूरा हिसाब सामने रख दिया तो वह रंजिश रखने लगे और इसी को लेकर सोमवार को परिवार पर हमला किया गया।
उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि 20 को हुए श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम का सारा खर्च सरपंच व उसके पिता ने उठाया था। शहीद के पिता ने बताया कि इस कार्यक्रम में खर्च हुए 52 हजार रुपये उन्होंने सरपंच को दे दिए थे लेकिन सरपंच के पिता ने 19 सितंबर को सिर्फ सोशल मीडिया पर दस हजार लेने की बात कही। इसके बाद जब उन्होंने सोमवार को मीडिया पर सारे खर्चे का हिसाब दिया तो वह रंजिश रखने लगे।
शहीद के पिता दयाचंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि इसी रंजिश को लेकर उन्हें धमकी दी जा रही थीं। सोमवार की रात नौ बजे के करीब हेमदत्त पाठक, चरण सिंह, भूपराम कृष्ण, सुरेश, बालादेवी, भूपेंद्र, जोगिंदर, नारायण, अनिल, सोनू, लखन, दिनेश, हरिओम, कृष्ण, गजेंद्र, राहुल, रवि, ललित, सुभाष, हेमेंद्र, सोनू, नरेंद्र, हरिओम, प्रीति सहित उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने लाठी-डंडा व फरसा लेकर उनके घर पर धावा बोल दिया। जबकि अनिल के पास देसी कट्टा व हरिओम के पास पिस्तौल थी, जिन्हें लेकर उन्होंने परिजनों पर जानलेवा हमला किया।
उन्होंने कहा कि हमले में शिवम, सत्यवीर, मोहित, कल्याण, रेखा, जसवंती, धर्मप्रकाश, मुन्नीदेवी सहित रेखा देवी घायल हो गईं। शहीद के पिता ने प्रशासन से अपने परिवार की जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
ग्राम पंचायत नहीं दे रही सहमति
पिता दयाचंद ने बताया कि उनके बेटे के शहीद होने के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गांव के नाम को बदलकर शहीद दिनेशपुर रखने की बात कही थी। इसके अलावा गांव में खेल के मैदान को शहीद के नाम पर करने की घोषणा की थी लेकिन अब ग्राम पंचायत इस मामले में अपनी सहमति देने को तैयार नहीं है।
क्या कहते हैं सरपंच के परिजन
इस मामले में सरपंच के परिजन हेमदत्त पाठक ने इस मामले को झूठा बताते हुए कहा कि गांव का झगड़ा दो पक्षों के बीच हुआ, जिसमें सरपंच व शहीद के परिजनों का कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस मामले में कई एजेंसियां अपने स्तर पर जांच करने में जुटी हुई हैं। जांच के बाद केस दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -वरुण सिंगला, जिला पुलिस अधीक्षक