पलवल। किसान विरोधी काले कानूनों को निरस्त कराने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी व बिजली संशोधन बिल को रद्द कराने की मांग को लेकर चल रहा किसान आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। रणबीर सिंह भंगूरी की अध्यक्षता में आयोजित धरने का संचालन नरेंद्र सहरावत ने किया। धरने में सहरावत पाल के किसानों ने हिस्सा लिया। किसानों ने कहा कि 27 सितंबर के भारत बंद की सफलता के लिए जिले की सामाजिक संस्थाओं का सहयोग मांगा जाएगा।
किसान नेता महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अलीगढ़ में बोलते हुए हरियाणा में किसान नेता स्व. चौधरी छोटूराम की मूर्ति सरकार द्वारा लगवाने का दावा किया था। यह पूरी तरह से असत्य है, क्योंकि चौधरी छोटूराम की सांपला में लगाई गई मूर्ति प्रदेश के किसानों ने अपने निजी सहयोग से बनाई थी। मूर्ति लगाने में प्रदेश व भारत सरकार का कोई सहयोग नहीं है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतनसिंह सौरौत ने कहा कि भारत में केवल एक ईस्ट इंडिया कंपनी अपना व्यापार करने आई थी और देश को सैकड़ों साल गुलाम बनाके रखा, लेकिन अब तो सभी दिशाओं से अनगिनत कंपनियां देश को निगलने के लिए अपना जाल फैला चुकी हैं।
धरने को किसान नेता धर्मचंद, ताराचंद, राजेंद्र बैंसला, रमेशचंद सौरौत, राजेंद्र घरौट, राजकुमार ओहलियान, शिवसिंह दरोगा, धनीराम थानेदार, अच्छेलाल, समय सिंह, सोहनपाल चौहान, बीरसिंह, रोशनलाल, बाबूराम सरपंच ने संबोधित किया।
फोटो कैप्शन
15श्चड्डद्यश्च10- पलवल के अटोहां चौक पर धरना देते किसान।
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