पलवल। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे को बने तीन साल से अधिक का समय हो गया है, लेकिन वाहन चालकों के लिए यह मार्ग आज भी सुरक्षित नहीं है। रात के समय तो केजीपी का सफर बेहद असुरक्षित है। रात को हर समय दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। राजमार्ग प्राधिकरण तथा पुलिस-प्रशासन द्वारा केजीपी पर सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। हर दिन इस एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाएं होती हैं। इन सबके बावजूद न तो इस तरफ राजमार्ग प्राधिकरण गंभीर नजर आता है और न ही प्रशासन का इस तरफ ध्यान है।
जिस समय केजीपी का निर्माण हुआ था, उस समय दावा किया गया था कि यहां वाहन चालकों को बेसहारा मवेशियों से निजात मिलेगी। साथ ही एक्सप्रेसवे की बनाई गई सड़क भी पूरी तरह से सुगम होगी, ताकि वाहन इस एक्सप्रेसवे पर 100 से ऊपर की गति पर दौड़ सकें। केजीपी पर उस समय कट तक नहीं बनाए गए थे। लेकिन, आज हालात बेहद विपरीत हैं। केजीपी पर जहां कई जगह कट बने हैं, वहीं जगह-जगह सड़कें टूटी हैं। साथ ही मवेशी भी दिन-रात केजीपी एक्सप्रेसवे पर विचरण करते नजर आते हैं। ये सब दुर्घटनाओं को सीधे-सीधे निमंत्रण दे रहे हैं। रात के समय तो यहां वाहन से चलना बेहद खतरनाक होता है। (संवाद)
पलवल से फरीदाबाद के बीच बने हैं 4 कट
पलवल से 135 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद-कुंडली-पलवल एक्सप्रेसवे पर हालात ये है कि पलवल व फरीदाबाद सीमा के अंतर्गत ही करीब चार कट बने हैं। कई बार केवल गाड़ी दौड़ाने के मूड से घूमने वाले युवा तेज गति में गाड़ी लेकर केजीपी पर बने इन कटों पर मोड़ देते हैं। इससे दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। इन कटों को बंद करने की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
सड़क के बीचोंबीच बैठ जाते हैं मवेशी
केजीपी पर सबसे ज्यादा खतरनाक घूमने वाले मवेशी हैं। मवेशियों का एक झुंड अक्सर केजीपी पर घूमता रहता है। रात के समय तो यह झुंड कई बार सड़क के बीचोंबीच बैठ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। इतना ही नहीं कई बार मवेशी सड़क के बीचोंबीच ही लड़ने लगते हैं। वाहनों के आगे भी आ जाते हैं। ऐसे में बड़ी दुर्घटना होने का खतरा ज्यादा रहता है।
सड़क किनारे खड़े रहते हैं बड़े ट्रक
केजीपी पर अधिकांश समय बड़े ट्रक और वाहन जगह-जगह सड़क किनारे खड़े देखे जा सकते हैं। ज्यादातर तो ये वाहन उन स्थानों पर खड़े नजर आते हैं, जहां केजीपी के साथ लगती जमीनों पर लोगों ने ढाबे बना रखे हैं। वाहन चालक वाहनों को केजीपी पर खड़ा कर नीचे उतरकर चाय व खाना खाने चले जाते हैं।
केजीपी पर एनएचएआई तथा प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। जहां सड़क टूटी है, उसे तुरंत ठीक कराना चाहिए। रात के समय यह टूटी सड़क बेहद खतरनाक रहती है तथा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस पर ध्यान दिया जाए।
- दिनेश आर्य, पलवल
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पलवल से बाहर नोएडा, गाजियाबाद, चंडीगढ़, हरिद्वार जाने के लिए केजीपी सबसे आसान व जाम से बचाने वाला रास्ता है, लेकिन यह बेहद खतरनाक है। कहीं सड़क टूटी है तो कहीं मवेशी घूमते रहते हैं।
- दशरथ शर्मा, पूर्व पुलिस निरीक्षक
राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से बात की जाएगी। पलवल सीमा में केजीपी व केएमपी एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से ठीक कराया जाएगा। मवेशियों को केजीपी पर चढ़ने से रोकने के इंतजाम कराए जाएंगे।
- कृष्ण कुमार उपायुक्त पलवल