होडल। हे भाई जरा देख के, आगे भी पीछे भी, क्योंकि यहां सड़कों पर सीवर के मैनहोल खुले हुए हैं। कहीं ऐसा न हो कि आपका ध्यान कहीं और हो और आप इनमें गिरकर चोटिल हो जाएं। जी हां शहर में जगह-जगह सीवरों के मैनहोल खुले हुए हैं। यदि कहीं ढक्कन है भी तो वह टूटा-फूटा लगा पड़ा है। ढक्कन नहीं होने से आए दिन मैनहोल में लोग गिरकर चोटिल हो रहे हें। समय रहते यदि खुले मैनहोलों पर ढक्कन नहीं लगाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जन स्वास्थ्य विभाग भी शायद ही इंतजार में है।
सबसे ज्यादा हादसा होने का अंदेशा राष्ट्रीय राजमार्ग से बस स्टैंड जाने वाले 44 फुट रोड का है। जहां पर आधा दर्जन से अधिक मैनहोल पूरी तरह से खुले पड़े हैं। शहर में करोड़ों रुपये की लागत से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा डाली गई सीवर लाइन लोगों के लिए परेशानी व दुर्घटना का कारण बनी हुई है। सड़कों के बीचों बीच सीवर लाइन के खुले पड़े मैनहोल के गड्ढों में आए दिन लोगों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। खुलेआम हादसों को दावत दे रहे इन गड्ढों के बंद करने में संबंधित विभाग की कोई दिलचस्पी नहीं है। इसके चलते लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
लोग बोले-विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार
स्थानीय निवासी रश्मि गर्ग का कहना है कि कई बार शिकायत की, लेकिन विभाग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। एक तरफ विभाग के मंत्री फोटो अपलोड होने से कार्रवाई की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। होडल कॉलोनी के रहने वाले जितेंद्र एडवोकेट का कहना है कि मैनहोल के ढक्कन नहीं होने से दिन प्रतिदिन हो रहे हादसों के बाद भी विभाग के कान पर जूं तक नही रेंगती। विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। व्यापारी रिंकू गर्ग का कहना है कि शहर की सड़कों के बीचों बीच डाली गई सीवर लाइन संबधित विभाग की लापरवाही के चलते लोगों को फायदा पहुंचाने की बजाए उल्टा परेशानी का सबब बनी हुई है।
सीवर लाइन के खुले मैनहोल को बंद करने व खराब ढक्कन बदलने के लिए तुरंत कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए हैं। जल्द ढक्कन डलवा कर बंद करा दिया जाएगा।
रमेशचंद्र गौड़, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता