पलवल। तीनों कृषि कानून की वापसी की मांग को लेकर केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा किसानों का धरना जारी रहा। सोमवार को नंदलाल शर्मा की अध्यक्षता में जारी धरने का संचालन हुकम सिंह चौहान ने किया। धरना स्थल पर कहा कि किसानों के आंदोलन से सरकार भयभीत है। सरकार किसान आंदोलन को विफल करने की तमाम कोशिशें कर चुकी हैं, परंतु किसानों की एकता के आगे सरकार की एक नहीं चल रही है। सरकार की हर चाल से किसानों के हौसले और बुलंद होते हैं। किसान कृषि कानूनों की वापसी के बाद ही आंदोलन खत्म करेंगे।
किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में जारी धरने में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद घुघेरा व डॉ.रघुवीर सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, सरकार बौखलाहट साफ दिखाई देने लगी है। केंद्र और राज्य सरकार असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए देश की एकता और अखंडता को तोड़ने के लिए अपने पुराने एजेंडे धर्म और जाति पर जनता को लड़ा कर वोट हासिल करना चाहती है, परंतु देश के ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है। धरने को किसान नेता वीरसिंह चौहान, वीर सिंह दलाल, गोपी थानेदार, चंद्रमणि आर्य, रूपचंद लाल, रमेश चंद, सौरभ सहित अन्य ने संबोधित किया।