संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। किर्गीस्तान में आयोजित विश्व बधिर कुश्ती चैंपियनशिप बिश्केक-2023 में पलवल के गुरु समंदर सिंह अखाड़ा के मूकबधिर पहलवान घनश्याम ने स्वर्ण पदक हासिल देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 57 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लेकर विदेशी पहलवान को पांच अंक से हरा दिया। घनश्याम की इस उपलब्धि से अलीगढ़ रोड स्थित गुरु समंदर सिंह अखाड़ा में खुशी का माहौल है। अखाड़े के पहलवान घनश्याम के जोरदार स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
पहलवान घनश्याम गुर्जर के कोच नरेंद्र पहलवान ने बताया कि घनश्याम राजस्थान के कामा क्षेत्र का रहने वाला है। बचपन से ही वह गुरु समंदर सिंह अखाड़ा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। वह बोलने-सुनने में असक्षम है। शुरू से ही वह प्रतिभावान रहे हैं। शुरू से ही वे आसपास के क्षेत्र में आयोजित दंगलों में हिस्सा लेकर नाम कमाते रहे हैं। अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण व कांस्य पदक हासिल किया है। घनश्याम के बड़े भाई लेखराज पहलवान ने बताया कि उनके परिवार में कुश्ती का शुरू से ही शोक रहा है। वे भी कुश्ती करते हैं। उनका छोटे भाई घनश्याम की मूक-बधिर होने के कारण केवल कुश्ती में ही रुचि है। वह बचपन से पलवल में रहकर ही कुश्ती का प्रशिक्षण प्राप्त करता रहा है। उन्होंने बताया कि घनश्याम 13 सितंबर को भारत लौटेंगे। यहां पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया जाएगा। अखाड़े के पहलवान रवि पहलवान, अरुण पहलवान, कुलदीप पहलवान, रविंद्र पहलवान, संजू पहलवान, टिंकू पहलवान ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।