पलवल जिले में मंगलवार को गर्मी इतनी ज्यादा थी कि लोगों को सहन करना भारी पड़ गया। एक निजी स्कूल में तो गर्मी के प्रकोप से चार बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें स्कूल संचालकों ने तुरंत उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार दिया और पानी पिलाया । बाद में उनके परिजनों को बुलाकर कुछ देर अस्पताल में रखने के बाद हालत में सुधार होने पर वापस घर भेज दिया गया।
बता दें कि मंगलवार को जिले में तापमान 44 डिग्री था, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री था। इस भीषण गर्मी में पंखों के नीचे बैठना मुश्किल हो रहा था। सूर्य की तपिश इतनी अधिक थी कि लोगों को निजलीकरण (डी-हाइड्रेशन) होने लगा। उसी के कारण यहां पलवल-अलीगढ़ रोड पर स्थित जीवन ज्योति ग्लोबल स्कूल में चार बच्चे छठी कक्षा की तृषा, लावण्या, खुशी और जतिन पढ़ते समय अचानक बेहोश हो गए। बच्चे पसीने में नहा गए। यह देख शिक्षक पहले उन्हें पानी डालकर होश में लाए और बाद में उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बेहोशी का कारण अधिक गर्मी के चलते डी-हाइड्रेशन बताया। अस्पताल में उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
जिला नागरिक अस्पताल के उप जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश बडोलिया का कहना है कि गर्म हवाओं के प्रभाव में आने से लू लगना, हैजा जैसी बीमारियां तुरंत असर डालती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें। दोपहर के समय में घर से बाहर न निकलें। यदि किसी परिस्थिति में बाहर निकलना पड़े तो धूप से बचने के लिए छाते का प्रयोग करें। शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखें तथा सूती, ढीले व हल्के रंग के कपड़े पहनें और सिर पर टोपी, कपड़ा आदि पहनकर रखें, काले सिंथेटिक व मोटे कपड़े पहनने से बचें।