पलवल। गांव फुलवाड़ी में पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 40 वर्षीय मृतक राजकुमार गांव में ही आरएमपी (रूरल मेडिकल प्रैक्टिशनर्स) डॉक्टर था। शुक्रवार रात को गांव निवासी युवकों ने डॉक्टर को शराब पिलाई और मारपीट की। विरोध करने पर उसके सिर में गोली मार दी। घायलावस्था में चिकित्सक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सदर थाना पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राधेश्याम के अनुसार गांव फुलवाड़ी निवासी नरेश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि उसका भाई राजकुमार उर्फ राजू घर के पास ही आरएमपी डॉक्टर था। गांव निवासी सतपाल उर्फ शीशपाल से उसकी दोस्ती थी। शुक्रवार रात को सतपाल ने राजू को फोन कर घर बुलाया। वहां गांव निवासी महेश व अजीत के अलावा खटैला सराय निवासी चतर भी मौजूद थी। सतपाल के घर पर राजू को शराब पिलाई गई। शराब के नशे में उसके साथ चारों ने मारपीट की। विरोध करने पर चतर ने उसके सिर में गोली मार दी। सतपाल ने मामले की सूचना राजू के भाई नरेश को दी। नरेश आनन-फानन में राजू को उपचार के लिए जिला नागरिक अस्पताल ले गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृतक घोषित कर दिया।
नरेश के अनुसार राजू ने घायलावस्था ने उसे बताया कि पुरानी रंजिश के चलते चारों ने उसके साथ मारपीट की और चतर ने उसे गोली मार दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पांच साल तक रहे थे ब्लॉक समिति सदस्य
मृतक के भाई नरेश ने बताया कि राजकुमार उर्फ राजू की मौत से गांव में गम का माहौल है। उनकी सामाजिक गतिविधियों में काफी भागीदारी रहती है। वे 2010 से 2015 तक ब्लॉक समिति सदस्य रहे हैं। गांव में वे लंबे समय से आरएमपी डॉक्टर हैं। इसलिए गांव के हर परिवार से उनका जुड़ाव रहा है। उनके दो छोटे-छोटे बेटे हैं। बड़े बेटे की उम्र छह साल है, जबकि छोटा बेटा अभी तीन साल का हुआ है। क्लीनिक चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। अब उनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है।
शराब ठेका चलाते हैं आरोपी
ग्रामीणों के अनुसार गोली मारने वाला चतर की शादी गांव फुलवाड़ी से ही हुई है। वह अपने रिश्तेदारों के साथ शराब का ठेका भी चलाता है। आरोपी गांव महेश व एक अन्य के साथ शराब ठेका चलाता है। इसलिए गांव में उसका आना-जाना लगा रहता है। पहले भी कई बार उन्होंने साथ बैठकर शराब पी थी।