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किसानों ने ली पराली नहीं जलाने की शपथ, गांव खजूरका में फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

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फसल अवशेष की जानकारी देते हुए - फोटो : Palwal
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पलवल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तत्वावधान में अतिरिक्त निदेशक डॉ. आर.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में शुक्रवार को गांव खजूरका में फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया गया। इस दौरान किसानों को गांवों में पराली न जलाने की शपथ भी दिलवाई गई।
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कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. महावीर सिंह, उप मंडल अधिकारी कुलदीप सिंह तेवतिया, सहायक कृषि अभियंता विजय सिंह यादव आदि अधिकारियों ने पराली प्रबंध के संबंध में विचार रखे। उन्होंने बताया कि इस तरह के कैंप जिले में रेड और येलो जोन के गांवों में आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ गांव किठवाड़ी में पराली प्रबंधन पर लाइव प्रसारण भी दिखाया गया। प्रगतिशील किसान क्लब के अध्यक्ष बिजेंद्र दलाल ने विभाग कि इन प्रयासों कि सराहाना करते हुए अनुरोध किया कि वे फसल अवशेषों को न जलाकर विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई कृषि यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेष प्रबंधन कराएं।
पलवल जिले में दो गांव भिडूकी व खिरबी रेड जोन और हसनपुर, कुशक, पिंगौर, रायदासका, सेवली, बांसवा, सौंध, असावटा, छज्जूनगर, किठवाड़ी, रसूलपुर, अलावलपुर, बढ़राम, जनौली, खजूरका, मांदकौल और सैलोटी येलो जोन में हैं। कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंध हेतु व्यक्तिगत किसानों को 50 प्रतिशत एवं सीएचसी को 80 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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