पलवल। कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद स्थगित हुए किसान आंदोलन के बाद केएमपी-केजीपी इंटरचेंज से किसानों ने अपना सामान समेट लिया है। बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर किसानों ने बैठक कर सारे सामान को गोशाला में दान करने का निर्णय लिया। कूलर, पंखे, दरी, रजाई व गद्दों और अन्य सामान को आस-पास की गोशालाओं में दे दिया गया। बैठक की अध्यक्षता 52 पालों के अध्यक्ष अरुण जेलदार ने की।
बैठक में ब्लॉक समिति के सदस्य राजकुमार ओलिहान घुघेरा ने बताया कि किसानों ने अपने धरनास्थल पर में बनाया हुआ टीन सेड मरोली गांव की गोशाला को दान में देने का निर्णय लिया गया। बर्तन, खाद्य सामग्री व पंखे को अटोहां गांव के मंदिर में दान देने का फैसला किया। इसके अलावा नकद रुपयों को दान में देने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रधान धर्मचंद घुघेरा, बीजू सिंह व हरि नंबरदार को शामिल किया गया।
किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि किसान संघर्ष समिति पलवल का नाम बदलकर संयुक्त किसान मोर्चा पलवल करने का निर्णय लिया गया, जिसे जल्द ही पंजीकृत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ छह मांगों पर हुए समझौते को 15 जनवरी तक पूरा करना है, यदि सरकार ने तय समय में मांगों को पूरा नहीं किया तो दोबारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इस अवसर पर जय नारायण चौहान, दादा मट्टर, रतन सिंह सौरौत, बादाम सरपंच धतीर, सोहनपाल चौहान, बीधू सिंह नरेंद्र सहरावत, उदय सिंह, सरपंच राजेंद्र बैंसला, रूपराम तेवतिया, ज्ञान सिंह चौहान, हरि नंबरदार, राजेश रावत बहीन, वीर सिंह दलाल, सुभाष दलाल, मूलचंद, रामशरण, होशियार चौहान, समुंदर सिंह, सुभाष, श्रीचंद, निर्मल, भीम सिंह, सूरत, रणवीर चौहान व धर्मवीर डागर उपस्थित रहे।