पलवल। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के बाद अब उपमंडल अधिकारी कार्यालय में फर्जी तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का मामला उजागर हुआ है। मामले का खुलासा मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा कार्यालय में छापे के दौरान हुआ। कार्यालय में विदेश में रह रही महिला का ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। लाइसेंस बनाने में पूरी तरह से नियमों की अनदेखी की गई। महिला ने न तो प्रशिक्षण लिया और न ही ड्राइविंग व कंप्यूटर की परीक्षा दी। इतना ही नहीं कंप्यूटर पर खींचे जाना वाला फोटो भी नहीं लिया गया। कैंप थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री उड़न दस्ता के इंस्पेक्टर की शिकायत पर मोटर लाइसेंस क्लर्क सहित दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अभी तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के इंस्पेक्टर जगदीश ने कैंप थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें सूचना मिली कि पलवल की न्यू कॉलोनी निवासी शैफाली अपने पति प्रताप सिंह के साथ पांच मार्च 2018 में आस्ट्रेलिया चली गई थीे। आस्ट्रेलिया जाने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस ऑथोरिटी पलवल से शैफाली का स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनाया गया है। जांच में पाया गया कि शैफाली का स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 21 मार्च 2018 को एक हजार 30 रुपये ड्राइविंग टेस्ट फीस जमा कराई गई। लाइसेंस के लिए भरे हुए फॉर्म नंबर एक व दो पर शैफाली के हस्ताक्षर के स्थान पर केवल अंग्रेजी में एस लिखा है। 18 जुलाई 2021 को शैफाली को बिना व्यक्तिगत रूप में उपस्थित होकर मोटर ड्राइविंग टेस्ट दिया जाना, फोटो व डिजिटल फॉरमेट पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया हुआ है, जबकि शैफाली पांच मार्च 2018 को आस्ट्रेलिया चली गई और पूरा साल वहीं पर रही थी। उस समय स्थानीय लाइसेंस ऑथॉरिटी पलवल में बृजमोहन मोटर लाइसेंस क्लर्क के पर पर तैनात था। जिसने मिलीभगत कर नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से लाइसेंस जारी कर दिया।
जांच करने पर और मामले भी आ सकते हैं सामने
मुख्यमंत्री उड़न दस्ता टीम में शामिल इंस्पेक्टर जगदीश द्वारा कैंप थाना पुलिस दी गई शिकायत में कहा गया कि क्लर्क बृजमोहन द्वारा नियमों पर ताक पर रखकर विदेश में रह रही महिला का ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया है। गहनता से जांच करने पर ऐसे और भी मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस को मामले में आरोपी से गहनता से पूछताछ करने चाहिए, ताकि अन्य मामले भी उजागर हो सके।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में भी हुआ था फर्जी लाइसेंस बनाने का मामला
बीते साल अक्टूबर माह में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में भी छापा मारकर फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामला उजागर किया था। छापे के दौरान परिवहन कार्यालय में दूसरे जिले व्यावसायिक व भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस को फर्जी तरीके से रिन्यू किया जाता था। मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के डीएसपी देवेंद्र सिंह की शिकायत पर कैंप थाना पुलिस में मामला दर्ज किया गया और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के पूरे स्टाफ को बदल दिया गया। मामले में कई गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री उड़ना दस्ता की शिकायत पर उपमंडल अधिकारी कार्यालय में कार्यरत मोटर लाइसेंस क्लर्क बृजमोहन सहित दो लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
- कैलाश चंद्र भडाना, कैंप थाना प्रभारी