जानकारी के अनुसार 22 से 26 वर्षीय तीन दोस्त, जिनमें जितेन्द्र निवासी सोनीपत, नितिन और रोहन सुलतानपुरी दिल्ली के रहने वाले थे। वह यूपी नंबर की एक कार में सवार होकर अलवर के रामगढ़ स्थित अपने मामा के यहां मिलने जा रहे थे। वो जब तड़के सुबह फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव नसीरबास के करीब पहुंचे तो फिरोजपुर झिरका की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार ओवरलोड डंपर नंबर आरजे 40जीए 6793 ने कार को टक्कर मार दी।
दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार में सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के ग्रामीण जब हादसे की आवाज सुनकर बाहर निकले तो तीन युवक जो कार में फंसे हुए थे, वह दम तोड़ चुके थे। एक बार फिर गुरुग्राम-अलवर हाईवे पर हुए सड़क हादसे को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
इस बारे में जिला पार्षद उमर पाड़ला, पूर्व चेयरमैन फकरुदीन, नगर पार्षद विनोद जांगड़ा, नगर पार्षद योगेश सैनी और इनेलो नेता अमन अहमद ने प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पहले कांग्रेस ने इस क्षेत्र के साथ दोगला व्यवहार किया, अब भाजपा भी उसी तर्ज पर चल रही है। नूंह से फिरोजपुर झिरका तक सड़क चौड़ीकरण की मांग पुरानी है, लेकिन सरकारें इस पर ध्यान नहीं दे रहीं हैं।
हालात ये हैं कि अब इस सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। आए दिन होतीं इन मौतों का जिम्मेदार कौन है, आखिर कब तक देश-प्रदेश के भोले-भाले लोग इस सड़क पर जान गंवाते रहेंगे। एडवोकेट रशीद अहमद ने बताया कि आगामी दिनों में नूंह जिला मुख्यालय या फिर बड़कल चौक पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।