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दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दिव्यांगों को काटने पड़ रहे चक्कर

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पलवल। हर साल तीन दिसंबर को मनाए जाने वाले विश्व दिव्यांगता दिवस पर दिव्यांगों के उत्थान की प्रशासन लाख दावे करता है, परंतु हकीकत में दिव्यांग अपना प्रमाण पत्र तक बनवाने के लिए धक्के खाने को मजबूर हैं। कई-कई सप्ताह तक जिला नागरिक अस्पताल में धक्के खाने के बाद भी उनका काम नहीं हो पाता। यही हाल बुधवार को जिला नागरिक अस्पताल में दिखाई दिया, जहां पिछले करीब छह सप्ताह से कई बुजुर्ग दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं, परंतु उनकी सभी कागजी कार्रवाई होने के बाद भी दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बनाए जा रहे हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में सप्ताह में एक दिन बुधवार को दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने का काम किया जाता है। आवेदक अपने सभी दस्तावेज ऑनलाइन करवाने के बाद अस्पताल में जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में डॉक्टर के पैनल द्वारा दिव्यांग की जांच के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। पैनल में जिला सिविल सर्जन कार्यालय के सदस्य, आंख, कान, नाक, हड्डी सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहते हैं। जिले में सिर्फ नागरिक अस्पताल में के प्रमाण पत्र बनाने का काम किया जाता है, इसलिए पूरे जिले के दिव्यांग बुधवार को यहां प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं, जिससे काफी भीड़ रहती है। बुधवार को कक्ष के बाहर दिव्यांग घंटों तक इंतजार करते नजर आए।
मेरा पैर हादसे में कट गया था। मैंने अपने सभी दस्तावेज ऑनलाइन करवा दिए हैं। पैनल द्वारा मेरी जांच भी की जा चुकी है। अब मैं पिछले छह सप्ताह से हर बुधवार यहां आता हूं, उसके बावजूद भी मेरा दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
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- सुग्रीव, निवासी कृष्णा कॉलोनी
मैं दोनोें हाथों व पैरों से अपाहिज हूं। मुझे यहां आने में काफी परेशानी होती है। डॉक्टरों द्वारा मेरी जांच की जा चुकी है, परंतु उसके बावजूद प्रमाण पत्र जारी करने में देरी की जा रही है।
- ज्ञान सिंह, निवासी ललपुरा
दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। जागरूकता के अभाव में लोग ऑनलाइन आवेदन कराए बिना अस्पताल में पहुंच जाते हैं, जिससे परेशानी होती है। उन्हें बार-बार समझाने के बाद भी वे बिना ऑनलाइन आवेदन किए प्रमाण पत्र बनवाने की जिद करते हैं, जोकि संभव नहीं है। वैसे हर सप्ताह बुधवार को जिन लोगों के फार्म ऑनलाइन हो जाते हैं, उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र बना दिए जाते हैं।
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- डॉ. लोकवीर सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल
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