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आंगनवाड़ी, आशा और मिड-डे-मील कर्मचारियों का प्रदर्शन

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पलवल में प्रदर्शन करती आशा वर्कर - फोटो : Palwal
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पलवल। सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के कर्मचारी संगठनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कुसलीपुर स्थित गुर्जर धर्मशाला पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा बाद में जुलूस निकालकर लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर तथा मिड-डे मील वर्कर का नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान श्रीपाल भाटी ने किया।
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सीटू की राज्य प्रधान सुरेखा, जिला प्रधान श्रीपाल सिंह भाटी, आंगनवाड़ी की जिला प्रधान उर्मिला रावत, आशा वर्कर की जिला सचिव रामरति चौहान, मिड-डे-मील की जिला प्रधान संतोष देवी ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर कहा कि राष्ट्रव्यापी हड़ताल में पलवल जिले की चारों परियोजना कर्मी शत-प्रतिशत हैं। उन्होंने मांग की है कि आंगनवाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं होते तो इन्हें 24 हजार प्रतिमाह वेतन दिया जाए। विभाग द्वारा संसाधन दिए बिना ऑनलाइन काम का दबाव आंगनवाड़ी वर्करों पर नहीं बनाया जाए। वर्कर और हेल्पर को रिटायरमेंट का लाभ दिया जाए, हेल्पर से वर्कर और वर्कर से सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन दिया जाए। 2018 में मुख्यमंत्री के साथ हुए समझौते को लागू किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों का किराया शहरी क्षेत्रों में 1500 और ग्रामीण क्षेत्रों में 750 रुपये किया जाए। आंगनबाड़ी वर्करों को ट्रेनिंग में आने-जाने का टीए और डीए दिया जाए। प्ले स्कूलों का निजीकरण बंद हो। आशा वर्करों को हेल्थ वर्करों का दर्जा दिया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आगे और भी आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन को आंगनबाड़ी नेत्री कमला, कृष्णा परसनदी आदि ने भी संबोधित किया।
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