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रजवाहा में पानी न आने से रबी की फसलों पर बना संकट

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हथीन। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी देने के सरकार कितने ही दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज भी जिले में ऐसे कितने ही गांव हैं, जहां राजवाहों में पानी न आने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे ही हथीन उपमंडल के करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों के किसान उटावड रजवाहा में पानी न आने से फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जरूरतों को पूरा करने वाले उटावड रजवाहा में पानी न आने से खेतों में खड़ी रबी की फसल मुरझाने लगी है। स्थिति यह बनी हुई है कि इस समय में गेहूं, जौ, चना, सरसों की फसलों के लिए किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी रजवाहा की सफाई कराने का बहाना बनाकर बात को टालते रहते हैं। किसानों में अब पानी न आने के कारण बेहद रोष बना हुआ है।
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उटावड रजवाहा से होती है इन गांवों में सिंचाई
उटावड रजवाहा से क्षेत्र के गांव घरौट, जनाचोली, आलूका, खोकियाका, स्वामिका, हथीन, बूराका, धीरणकी, चिल्ली, रूपडाका, गोहपुर, उटावड, मालपुरी सहित करीब एक दर्जन गांवों की कृषि भूमि की सिंचाई की जाती है। इन गांवों तथा क्षेत्र में अधिकांश गांवों में आंतरिक भूजल खारा है। जोकि खेती के लिए उपयुक्त नही होता है। ऐसे में क्षेत्र के किसान उटावड रजवाहा से ही सिंचाई करते हैं। पिछले काफी लंबे अरसे से उटावड रजवाहा में पानी नही है। इस कारण खेतों की सिंचाई नही हो पा रही है। किसानों की मांग है कि अविलंब रजवाहा में पानी छोड़ा जाए।
रबी फसल के लिए इस समय सिंचाई की बेहद आवश्यकता है। पानी उपलब्ध न होने से रबी की फसल संकट में हैं। उनका कहना है कि अविलम्ब रजवाहा में पानी छोड़ा जाना चाहिए।
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- दीपक शर्मा, युवा किसान
उटावड रजवाहा में पानी न आने से फसल प्रभावित हो रही हैं। मांग की है कि अविलंब पानी छोड़ा जाए। ताकि किसान फसलों की सिंचाई कर सकें और फसलों का उत्पादन अच्छा हो।
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- मोहम्मद जकरिया, किसान
फिलहाल उटावड रजवाहा में सफाई का काम जारी है। सफाई का काम समाप्त होते ही उटावड रजवाहा में पानी छोड़ दिया जाएगा।
रियाज अहमद, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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