आईएमटी रोजका मेव में अधिग्रहित की गई जमीन का जिन्न एक बार फिर निकलकर सरकार व प्रशासन के लिए मुसीबत बनने का काम कर रहा है। चुनावों के दौरान यह मामला बिलकुल शांत रहा लेकिन चुनाव होते ही फिर से लोग सड़क पर उतरे। सोमवार को डीसी को ज्ञापन सौंपने के लिए नौ गांवों के हजारों लोगों ने रोजकामेव से लेकर नूंह लघु सचिवालय तक पैदल मार्च किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भीड़ जब जब लघु सचिवालय के मुख्यद्वार पर पहुंची तो पुलिस ने द्वार बंद कर दिया। इसके चलते प्रदर्शनकारियों ने रोड पर ही डेरा डाल दिया। काफी देर तक लघु सचिवालय के सामने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारी रोड पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय आशीष चौधरी ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे तैयब हुसैन घासेडिया को बुलाया और कहा कि प्रत्येक गांव से 2-2 व्यक्ति अंदर जाकर उपायुक्त को अपना ज्ञापन सौंप दो। इस पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पूरी संख्या के साथ लघु सचिवालय में जाएंगे या फिर रोड पर ही बैठे रहेंगे। काफी समझाने के बाद करीब तीन दर्जन लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त के पास गया और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
डीएसपी आशीष चौधरी का कहना है कि किसानों के प्रतिनिधिमंडल को स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि काम रोकने का कबूतर अपने मन से निकाल दें। चल रहे काम में किसी प्रकार की अड़चन नहीं आनी चाहिए।
जिला उपायुक्त केएम पांडुरंग का कहना है कि किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन को सिफारिश के साथ सरकार के पास भेजेंगे। इस पर निर्णय सरकार ही करेगी। किसानों शांति व्यवस्था बनाए रखें।