पलवल। संत रविदास जयंती पर एक बार फिर से जिला प्रशासन द्वारा सफाई अभियान की शुरूआत तो कर दी गई, लेकिन वह अभियान केवल एक पार्क में सफाई के नाम पर फोटो खिंचवाने तक सीमित रहा। एक घंटे सफाई का ड्रामा करने के बाद प्रशासन ने फिर मुड़कर शहर की सफाई व्यवस्था को नहीं देखा। शहर में पड़े गंदगी के ढेर प्रशासन के सफाई अभियान को बृहस्पतिवार को भी मुंह चिढ़ाते रहे, लेकिन न तो प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी शहर में सफाई कराता मिला और न ही नगर परिषद का कोई सफाई कर्मी सफाई करते व गंदगी उठाता मिला। यह हाल पहली बार नहीं है।
हर बार किसी न किसी विशेष दिवस पर सफाई अभियान की शुरूआत जोर-शोर से की जाती है, लेकिन कुछ देर तक फोटो खिंचवाने के बाद सब अपने-अपने घरों को चले जाते हैं, उसके बाद शहर में गंदगी यूं ही सड़कों पर लोगों को मुंह चिढ़ाती रहती है। लाखों खर्च करने के बाद भी शहर में सफाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। जिला प्रशासन और नगर परिषद द्वारा बीते कई महीनों से दावे किए जा रहे हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था जल्द ही दुरुस्त होगी, मगर धरातल पर शहर की सड़कें और चौराहे ही कूड़ाघर बने हुए हैं, जिससे स्थानीय निवासी और राहगीर परेशान हैं।
70 लाख प्रति माह लेने के बाद भी नहीं की सफाई व्यवस्था
शहर में सफाई व्यवस्था के लिए 70 लाख रुपये प्रति माह की दर से एक कंपनी को ठेका दिया गया है। घर-घर जाकर कूड़ा इकट्ठा करना और शहर में फैली गंदगी को ले जाकर डंपिग ग्राउंड पर डालना इस कंपनी के कार्य में शामिल है। कंपनी ने घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने के लिए 44 गाड़ी लगाई है। इसके साथ ही शहर में गंदगी के प्वाइंट से कूड़ा इकट्ठा करने के लिए छह ट्रैक्टर भी लगाए गए थे। वहीं इस कंपनी के द्वारा 147 कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए लगाए गए हैं, मगर शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है।
जिम्मेदार बने अनजान, खुल रही दावों की पोल
शहर में रेलवे रोड, माल गोदाम रोड, रसूलपुर रोड, न्यू कॉलोनी, पैंठ मोहल्ला, अलावलपुर चौक, आदर्श कॉलोनी, न्यू एक्स्टेन्शन कॉलोनी, मोहन नगर, कैलाश नगर समेत अनेक स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग पर किठवाड़ी चौक समेत अन्य जगहों पर लगे कूड़े के ढेर देशी-विदेशी पर्यटकों के सामने स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं। मगर जिम्मेदार इनसे अनजान बनकर बैठे हैं। नगर परिषद द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मगर आज पूरा शहर कूड़ाघर बना हुआ है। शहर गंदगी के लिए जाना जाने लगा है।
शहर में सफाई व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। सफाई कर्मियों को आदेश दे दिए गए हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए तथा प्रतिदिन सफाई कर कूड़ा उठाया जाए। कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। कुछ दिनों में ही शहर में सफाई दिखाई देने लगेगी।
- मनोज यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद