पलवल। कृषि कानूनों की वापसी व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून की मांग को लेकर अटोहां चौक पर चल रहे किसानों के धरने को शुक्रवार को चौहान पाल के किसानों ने समर्थन दिया। इस अवसर पर काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। किसानों ने जहां भजन गाए, वहीं महिलाओं ने लोकगीतों पर नृत्य किया।
किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा और न ही किसान अपने घरों को लौटेंगे। धरने पर चौहान पाल के गांव मीतरौल, औरंगाबाद, गोपालगढ़, अटोहां, छज्जूनगर, हरफली, मोहना, बडौली, फुलवाड़ी तथा घोड़ी के गांव शामिल हुए। धरने की अध्यक्षता राजेंद्र सिंह बैसला बडौली ने की। जबकि संचालन हुकम सिंह अटोहां ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि किसान अब पीछे हटने वाले नहीं है। किसान हर तरह की लड़ाई सरकार से लड़ने को तैयार हैं। किसानों ने कहा कि अब सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। सरकार कृषि कानून वापस ले। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ अन्याय किया है। पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार दमनकारी कानून पारित कर रही है, जो हर वर्ग के लिए दुखदायी है। सरकार महंगाई को बढ़ाती जा रही है।
इस अवसर पर रणजीत चौहान, करतार औरंगाबाद, गोपी हवलदार ने भजनों के माध्यम से सरकार पर कटाक्ष किया। इस अवसर पर रतन सिंह सौरोत, महेंद्र चौहान, रमेश सौरोत, रूपराम तेवतिया, बीधु सिंह तेवतिया, नाहर सिंह मेव, आनंद नंबरदार, होशियार सरपंच, रणवीर चौहान हरफली, पाप सिंह डागर, करतार चौहान, हर प्र्रसाद चौहान, करतार सिंह ने संबोधित किया।