चौबीसी पाल ने दिया किसानों के धरने को दिया समर्थन
कृषि कानूनों के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ की गई नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। कृषि कानूनों के विरोध में केजीपी-केएमपी इंटरचेंज के पास अटोहां मोड पर चल रहे किसानों के धरने में रविवार को सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। धरने में चौबीसी पाल के किसानों ने समर्थन दिया। उन्होंने भाजपा के संगठन भारतीय किसान संघ द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने का स्वागत किया। वहीं बुजुर्ग किसानों ने जून से अगस्त तक की वृद्धावस्था पेंशन विशेष तौर पर मित्रौल, गुदराना व तुमसराना गांव में न मिलने पर प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
किसान नेता धर्मचंद घुगेरा व रघुबीर सिंह ने बताया कि जो लोग यह समझते हैं कि यह आंदोलन केवल किसानों का है तथा किसान केवल अपने मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ लड रहे हैं, जनता के बाकी हिस्सों का इस आंदोलन से क्या लेना देना है। ऐसे लोगों को समझना होगा कि किसान का लक्ष्य फसल और नस्ल बचाना है। किसान यह लक्ष्य भी तय कर रहे हैं कि रोटी को पूंजीपतियों की तिजोरी में बंद नहीं होने देंगे। प्रधानमंत्री फोटो लगाकर भारत के अस्सी करोड़ जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध करवा रहे हैं। देश का अन्नदाता अगर अन्न पैदा नहीं करेगा तो गरीब लोगों को राशन नहीं दिया जाएगा। धरने की अध्यक्षता नानकचंद सरपंच ने की। इस मौके पर रमेशचंद सौरौत, राजसिंह, अच्छेलाल, इंद्रसिंह रावत, जोगेंद्र, जगदीश रावत, समय सिंह, रूपचंद दलाल, चेतराम मेंबर आदि मौजूद रहे।
राकेश टिकैत की पंचायत में होंगे शामिल
किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने बताया कि आगामी 29 अगस्त को नूंह की अनाज मंडी में किसान नेता राकेश टिकैत की किसान पंचायत होगी। इस पंचायत में पलवल के किसान भी शामिल होंगे। नूंह की किसान पंचायत को सफल बनाने की तैयारियों के मद्देनजर पलवल में एक किसान बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर रामकिशन महलावत, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष रतन मान, आजाद खेड़ी आदि मौजूद रहे।
कैप्शन: पलवल में अटोहां मोड़ पर धरने पर बैठे किसान