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फर्जी वृद्धावस्था पेंशन बनाने का मामला उजागर

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पलवल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने एक बार फिर समाज कल्याण विभाग कार्यालय में फर्जी वृद्धावस्था पेंशन जारी करने का खुलासा किया गया है। पेंशन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई हैं। फर्जीवाडे़ में समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों की संलिप्तता बताई जा रही है। फर्जीवाडे़ में सीएससी सेंटर संचालकों की भूमिका भी बताई जा रही है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की तरफ से पांच व्यक्तियों के खिलाफ नामजद कैंप थाना में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।
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डीएसपी मुख्यालय अनिल कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता फरीदाबाद के इंस्पेक्टर जगदीश ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उन्हें सूचना मिली कि पलवल में फर्जी दस्तावेजों के जरिये वृद्धावस्था पेंशन बनवाई गई है। हथीन के गांव जलालपुर निवासी खतीजा, गांव आलीमेव निवासी महमूदी, गांव मंडकौला निवासी नन्नू व मसुमन, गांव घर्रोट निवासी बती देवी ने 60 साल आयु का प्रमाण पत्र डॉक्टरों की रिपोर्ट जमा करवाई। अस्पताल से इन लोगों की दस्तावेजों की जांच करवाई गई तो बताया गया कि अस्पताल में केवल 15 लोगों की आयु की जांच की गई है और उनमें इनका नाम शामिल नहीं है। इन लोगों ने अपनी आयु का आधार मतदाता पहचान पत्र बनाया है। पहचान पत्र के भी नकली होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इन लोगों के आयु 40 और 50 के बीच है, जबकि बुढापा पेशन के लिए कम से कम 60 साल की आयु होनी चाहिए। इस मामले के एक और फर्जीवाड़ा यह है कि पांचों लाभार्थियों का मतदाता पहचान पत्र से संबंधित डेटा निर्वाचन विभाग की साइट पर उपलब्ध नहीं है। इन पांचों व्यक्तियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जिला समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ-साथ अन्य लोगों की मिलीभगत है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
नवंबर 2021 में भी पेंशन फर्जीवाड़ा हुआ था उजागर
पलवल में फर्जी पेंशन बनाने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले कई वर्षों से फर्जी पेंशन बनाने का कार्य समाज कल्याण विभाग में किया जा रहा है। कई बार इसकी शिकायत हो चुकी हैं। ग्रीवेंस की बैठक में भी यह मुद्दा उठ चुका है। बीते साल भी मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने समाज कल्याण विभाग में फर्जीवाड़े का मामला उजागर किया था। मामले में विभाग के कर्मचारियों द्वारा अटल सेवा केंद्र (सीएससी) संचालकों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर जवानों की पेंशन बनाई गई थीं। कैंप थाना पुलिस ने इंस्पेक्टर जगदीश की ही शिकायत पर जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, सीएससी संचालकों व सहित आठ पेंशन धारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पेंशन बनाने में डॉक्टर व पेंशन अधिकारी के फर्जी मोहर व हस्ताक्षर इस्तेमाल किए गए थे। करीब छह माह बाद भी मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे फर्जी पेंशन बनाने का कार्य किया जा रहा है।
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