फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Palwal News: होली नजदीक आते ही बाजारों में दिखने लगी पिचकारी व रंग

Sat, 16 Mar 2024 10:47 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पलवल। होली का त्योहार नजदीक आते ही रंग-बिरंगी पिचकारियों और रंगों से बाजार गुलजार होने लगे हैं। बच्चों को आकर्षित करने के लिए बाजार में डोरेमान, छोटा भीम, स्पाइडर मैन, एंग्री बर्ड जैसे कार्टून किरदारों की पिचकारियों की भरमार हो गई है। इस बार चाइनीज पिचकारियां नजर नहीं आ रही हैं। स्वदेशी कंपनियों की पिचकारियां व रंग अभी से खूब बिक रहा है। बाजारों में हर्बल गुलाल भी काफी है। जैसे-जैसे होली का दिन नजदीक आ रहा है। दुकानों पर लोगों ने खरीदारी शुरू कर दी है। शादियों व मंगल कार्यक्रमों में भी गुलाल व रंग का इस्तेमाल होने लगा है, इस कारण बाजारों में रंग व गुलाल की बिक्री बढ़ गई है।
वहीं, शाम ढलते ही कहीं न कहीं होली मंगल मिलन समारोह आयोजित होने लगे हैं। सामाजिक संस्थाओं द्वारा होली मिलन समारोह के दौरान एक दूसरे पर गुलाल बरसाना शुरू कर दिया है। सामाजिक संस्थाओं के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी होली मिलन समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। उन कार्यक्रमों में भी जहां फूलों की होली खेली जा रही है, वहीं गुलाल भी खूब उड़ाया जा रहा है। इससे बाजारों में रंग, गुलाल की बिक्री बढ़ी है।
विज्ञापन

10 रुपये से 500 रुपये तक की पिचकारी मौजूद
बाजारों में 10 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारियां नजर आ रही हैं। लंबी पिचकारियों पर भी कार्टून किरदारों के चित्र छपे हुए हैं। इसके अलावा गुलाब बम, बोतल और पाउच में बंद मैजिक कलर, डोरेमान की तलवार, राकेट पिचकारी, कलर बम, पेंट बॉल, गन, पंप और टैंक पिचकारी, थ्री इन वन पिचकारी तथा विभिन्न प्रकार की रंगीन टोपियां उपलब्ध हैं। हर्बल आइस गुलाल, वाटर कलर बैलून भी दुकानों पर बिक्री के लिए रखे हैं। हालांकि अभी बाजार में ग्राहक कम नजर आ रहे हैं, लेकिन जैसे-जैसे होली का पर्व नजदीक आएगा, बिक्री भी बढ़ती जाएगी। इससे दुकानदारों को लाभ की उम्मीद भी है।
विज्ञापन

वर्जन
होली के पर्व को एक सप्ताह है। इसलिए बाजारों में रंग, गुलाल तथा पिचकारी लेने वाले ग्राहक कम है। फिर भी बिक्री हो रही है। जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, बिक्री बढ़ जाएगी। सामाजिक संस्थाओं के अलावा युवा अभी भी रंग व गुलाल खरीद रहे हैं। सामाजिक संस्थाएं तथा ग्रामीण क्षेत्र के लोग खरीदारी कर रहे हैं। उम्मीद है कि एक-दो दिन में बिक्री बढ़ जाएगी।
- सुनील कुमार, विक्रेता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें