फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीणों से मशाल जुलूस में हिस्सा लेने की अपील

विज्ञापन
अटोहां मोड़ पर धरने पर बैठे किसान - फोटो : Palwal
विज्ञापन
पलवल। पिछले 10 माह से केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहा धरना बुधवार को भी जारी रहा। किसानों ने गांवों में जाकर ग्रामीणों से शनिवार को जिले में निकाले जाने वाले मशाल जुलूस में हिस्सा लेने की अपील की। इसके अलावा सोमवार को भारत बंद में भी योगदान देने की बात कही। धरनास्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने में गहलब, बजादा पहाड़ी, भंगूरी, कलसाड़ा, घर्रोट, फिरोजपुर, भमरौला जोगी के किसानों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन

इस दौरान किसान नेताओं ने सरकार की नीतियों का विरोध जताया। किसानों ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश के किसानों और मजदूरों की हालत बदतर हो गई है। सरकार के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। भाजपा सरकार एक मंच से दूसरे मंच तक अपनी भाषा बदल देती है। खेती ऐसा काम है, जहां पूरा श्रम और पूंजी लगाने के बाद भी उपज की गारंटी नहीं होती है। फिर भी करोड़ों किसान मजबूरीवश खेती से जुड़े हैं। किसान लगातार रिकॉर्ड उत्पादन करके देश के अन्न भंडारों को भर रहे हैं। लेकिन, इसके बावजूद न तो किसानों को उनकी फसलों का उचित भाव मिल पा रहा है और न ही देश की बड़ी आबादी पर्याप्त अनाज हासिल कर पा रही है। निर्णय लिया गया कि आढ़तियों से मिलकर भारत बंद को सफल बनाने के लिए अपील की जाएगी। धरने की अध्यक्षता बजादा पहाड़ी के सरपंच नंदराम शर्मा ने की और संचालन गहलब के किसान नरेंद्र सिंह सहरावत ने किया। धरने को किसान नेता डॉ. रघुबीर सिंह, रमेश चंद, दादा मठ्ठर, नरेंद्र सहरावत, जगदीश आर्य, धन्नी अलावलपुर, गोपी थानेदार, अच्छेलाल, रणजीत सिंह, अतर सिंह तेवतिया, मुंशीराम दुधौला, देवरत्न सरपंच, अशोक तेवतिया और शिवसिंह थानेदार ने संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें