पलवल के अटोहां चौक पर धरना देते किसान।
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पलवल। सरकार के झूठे दावों के कारण धान और बाजरे की सरकारी खरीद नहीं होने से नाराज किसान सोमवार को होडल स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। इसकी सफलता के लिए किसान संघर्ष समिति के नेता महेंद्र सिंह चौहान, धर्मचंद घुघेरा, रूपराम तेवतिया व दरियाब बंचारी की टीम ने होडल के गांवों का दौराकर ग्रामीणों में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। नए कृषि कानूनों के विरोध में केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहा धरना रविवार को भी जारी रहा।
धरने में किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने वाले सत्ताधारी नेता मुंह छिपाते फिर रहे हैं। सरकार धान और बाजरे की सरकारी खरीद से टालमटोल कर रही है। 25 प्रतिशत बाजरे की खरीद का दावा भी खोखला साबित हो रहा है। देश का किसान-मजदूर सरकार से डरने वाला नहीं है। भारतीय किसान यूनियन के नेता रतन सिंह सौरौत और उदय सिंह सरपंच ने कहा कि लखीमपुर खीरी मामले में आरोपियों को तमाम साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश के लिए पूरा मौका दिया गया। ये कोई साधारण मामला नहीं है, बल्कि निर्दोष लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। लखीमपुर खीरी में किसानों के नरसंहार से भाजपा सरकार का क्रूर, संवेदनहीन व खौफनाक चेहरा अब देश की जनता के सामने आ चुका है। देश का किसान हिंसा का जवाब शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक जनांदोलन के द्वारा देगा। इस नरसंहार को इतिहास में एक दर्दनाक अध्याय की तरह याद किया जाएगा। रविवार को धरने की अध्यक्षता नानक चंद सरपंच मर्रौली ने की और संचालन रमेश चंद गौड़ौता ने किया। धरने में किसान नेता बीधू सिंह, श्री चंद महाशय, चेतराम मेंबर, चंद्रमुनि, रोशनलाल, बीरसिंह, इंद्र सिंह रावत, जोगेंदर मर्रोली, करतार चौहान, हुकम सिंह व डब्बू ने भी विचार रखे।