संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के जिला प्रशासन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। एक ओर जहां पराली जलाने वाले किसानों पर सख्ती बरती जा रही है। वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया। साथ पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को एक हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि देने की भी घोषणा की गई। अभी तक पराली जलाने वाले 13 किसानों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई। प्रशासन ने ग्राम पंचायतों को रेड व यैलो जोन में बांटा है, जिन पर विशेष नजर रखी जा रही है। साथ ही ग्रीन जोन में आने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित करने का भी प्रावधान किया गया है। उपायुक्त ने हरसेक पर आगजनी की लोकेशन मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रेड व यैलो जोन ग्राम पंचायतों पर रखी जा रही विशेष नजर
उपायुक्त डाॅ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि पलवल जिले में संबंधित एसडीएम की देखरेख में रेड जोन व येलो जोन में बांटा गया है। खंड हसनपुर की ग्राम पंचायत खांबी को रेड जोन घोषित किया गया है। वहीं, होडल खंड के गांव भिडूकी, बांसवा, करमन, सौंदहद, पेंगलतू तथा हसनपुर खंड के गांव भैंडोली, घसेडा, लिखी और पलवल खंड के गांव असावटा, फरीजाबाद मीसा व पृथला खंड के गांव जनौली, मांदकोल को यैलो जोन में रखा गया है। इन गांवों में एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा गांव के पटवारी, ग्राम सचिव, नोडल अधिकारियों, राजस्व व पंचायत विभाग के अधिकारियों, पुलिस विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की इंफोर्समेंट, सुपरविजन व मॉनिटरिंग के लिए ड्यूटी निर्धारित की गई है।
फसल अवशेष जलाने पर 13 किसानों पर जुर्माना
जिला में फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत धान की पराली में आगजनी न करने बारे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू की हुई है। इसके अनुसार जो भी अपने खेत में धान के बचे हुए अवशेष में आगजनी करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जा रही है। उपायुक्त ने फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत नियुक्त की गई ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारी, खंड स्तरीय निगरानी टीम तथा उप मंडल स्तरीय निगरानी टीम बनाई है। दो एकड़ तक भूमि रकबा में फसल अवशेष या पराली जलाने पर 25000 हजार व पांच एकड़ रकबा में फसल अवशेष जलाने पर पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से अधिक रकबा जमीन पर फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। हरसेक द्वारा भेजी गई लोकेशन के आधार पर अब तक 13 किसानों के खिलाफ पराली में आग लगाने को लेकर 37,500 रुपये जुर्माना लगाया गया है।
ग्रीन जोन में आने पर पंचायत को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
उपायुक्त डॉ.हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जिला की जो पंचायत रैड और यैलो जोन में हैं, यदि वहां पर फसल अवशेषों व पराली में बिल्कुल भी आगजनी नहीं की जाती है तो वह ग्रीन जोन में आ जाती है तो सरकार की ओर से प्रोत्साहन के स्वरूप धनराशि प्रदान की जाती है। रैड जोन से ग्रीन जोन में आने पर संबंधित गांव के सरपंच को एक लाख रुपये और यैलो जोन से ग्रीन जोन में आने पर संबंधित सरपंच को 50 हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती है। वहीं, अवशेष प्रबंधन करने पर एक हजार रुपये प्रति एकड़ मिलेगी प्रोत्साहन राशि।
नुक्कड़ सभा व मुनादी करवा किसानों को किया जा रहा जागरूक
जिला उपायुक्त द्वारा पराली न जलाने को लेकर टीमें गठित की गई हैं। टीमों में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी तरह से निगरानी रखें और खेतों में फसलों के अवशेष और पराली में आगजनी की घटनाएं न होने दें। टीमों द्वारा किसानों को पराली न जलाने को लेकर जागरूक किया जा रहा है। गांवों में मुनादी करा तथा नुक्कड़ सभाओं के जरिये किसानों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा टीमों द्वारा भी खेतों में निगरानी रखी जा रही है, ताकि कोई किसान पराली में आगजनी न कर पाएं।