होडल। उपमंडल के गांव सौन्दहद में डेंगू और बुखार से पीड़ित बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में पिछले दो महीनों में लगभग डेढ़ दर्जन बच्चे बुखार की चपेेट में आकर काल के गाल में समा चुके हैं। अब गांव निवासी नंदकिशोर की 12 वर्षीय बालिका नेहा की बुखार से मौत हो गई। नेहा पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित थी। नेहा के परिजन उसे होडल व पलवल के निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने बच्ची की हालत को देखते हुए फरीदाबाद के मैट्रो अस्पताल भेज दिया, जहां नेहा ने दम तोड़ दिया।
इससे पहले भी गांव में बुखार के कारण दर्जनों बच्चों की मौत हो चुकी है। जिसके कारण लोगों में दहशत व्याप्त है। अब हालात ये हैं कि क्षेत्र में बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बना हुआ है। लोग लगातार नगर परिषद व प्रशासनिक अधिकारियों से फॉगिंग कराए जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन विभागीय अधिकारी इस मामले में पूरी तरह से मौन धारण किए हुए हैं जबकि निजी और सरकारी अस्पतालों में बुखार से पीडित मरीजों की संख्या लगातार बढती जा रही है। गांव सौन्दहद में छात्रा नेहा की मौत को लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने गांव में गंदगी और फोगिंग के मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो मरीजों की तादाद और अधिक बढ़ सकती है।