भारतीय सेना की आंतरिक जानकारी पर पाकिस्तान ने नजरें गड़ा दी हैं। सेना के आंतरिक तंत्र के सचेत होने के बाद गृह मंत्रालय को स्पूफिंग टेलीफोन कॉल (धोखा देने वाली) पर चिंता है।
पाकिस्तानी खुफिया तंत्र भारत के आंतरिक मामलों की जानकारी स्पूफिंग कॉल्स के जरिए ले सकता है। पश्चिमी कमान को भी इस बाबत सूचित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने इस संदर्भ में निर्देश जारी किए हैं।
सूत्रों के मुताबिक पहले सेना के मूवमेंट की जानकारी आईएसआई सैन्य अफसरों के लैंडलाइन नंबरों पर फोन कर लेती रही है।
इसके बाद सेना ने सभी नंबरों पर कॉलर आईडी लगवाकर कर्मचारियों को सचेत किया है कि कोई आर्मी अफसर बनकर बात करे और सेना के मूवमेंट की जानकारी ले तो उसका नंबर पूछें और अपने अफसर को वह नंबर दें।
सेना के सचेत होने के बाद आईएसआई ने आर्मी पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और एमईएस के लैंडलाइन नंबरों पर फोन कर सेंध लगानी शुरू की। इन्हें भी सचेत किया गया। इसके बाद अब रेलवे को जानकारी का जरिया बनाया है।
आमतौर पर कोई भी सेना की जुबान में स्टेशन अधीक्षक या स्टेशन इन्क्वायरी से पूछेगा कि फलां वीपी (वैलुएबल पार्सल) कब चलेगा तो रेलवे बता देता था।
जिसके बाद रेल मंत्रालय को भी इस बाबत एडवाइजरी भेज दी गई है लेकिन सेंध लगाने के लिए अब पाक स्पूफिंग का सहारा ले सकता है। इसकी चिंता गृह मंत्रालय को सता रही है।
क्या है स्पूफिंग कॉल
स्पूफिंग के माध्यम से फोन करने पर पाकिस्तान के नंबर से आने वाली कॉल पर 92 की जगह 91 लिख कर आएगा। इससे यह अंदाजा नहीं लगेगा कि यह कॉल पाकिस्तान से है।
क्या जानना चाहती है आईएसआई:
- पंजाब की यूनिट यदि रेगिस्तान का प्रशिक्षण ले रही है तो यह जानकारी पाकिस्तान के लिए अहम है। ऐसे में पंजाब में कौन सी यूनिट की मूवमेंट रेगिस्तान में है?
- सेना की कौन सी यूनिट कहां एक्सरसाइज कर रही है और कहां इसकी ट्रेनिंग हो रही है?