यमुना में अमोनिया की मात्रा बढ़ने की शिकायत दिल्ली सरकार द्वारा किए जाने के बाद हरियाणा ने दिल्ली की ओर जाने वाली पानी की आपूर्ति दोगुनी कर दी है।
दिल्ली सरकार के आरोप के बाद हरियाणा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया है। दिल्ली सरकार ने यह भी आरोप लगाया था कि यमुना में पानीपत, समालखा और सोनीपत से औद्योगिक कचरा लगातार गिर रहा है।
हरियाणा स्टेट पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड भी लंबी नींद से जाग गया है। बोर्ड ने अपने अधिकारियों को पानीपत और सोनीपत के इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) की मानीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इलेक्ट्रोप्लेटिंग और डाइंग इकाइयों की जांच करने को भी कहा है।
हरियाणा के अधिकारियों का मानना है कि पानी की सप्लाई बढ़ाना ही इस समस्या का तत्काल समाधान है। जिससे पानी में मौजूद अशुद्धियां कम हो जाएंगी।
दिल्ली सरकार के आरोपों के बाद हरियाणा ने अब 300 क्यूसिक पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, जबकि रोजाना 150 क्यूसिक पानी छोड़ा जाता था। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी इस बाबत संवाद शुरू हो गया है। हरियाणा सरकार का दावा है कि हमने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईटीपी की सख्त मानीटरिंग शुरू कर दी है। मालूम हो कि यमुना में अचानक अमोनिया की मात्रा बढ़ जाने से दिल्ली में जलसंकट बढ़ गया था।
हमने मंगलवार सुबह से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। पानी की यह सप्लाई पहले से दोगुनी है। यही इस समस्या का त्वरित समाधान है। इससे जल में मौजूद अशुद्धियां कम हो जाएंगी और स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में आ जाएगी।
-हरमेल सिंह, इंजीनियर इन चीफ, सिंचाई विभाग।