छेड़छाड़ मामले में दोषियों को गिरफ्तार करने की बजाय पीड़िता के खिलाफ ही झूठी शिकायत देने का मामला दर्ज किए जाने की घटना से आहत जींद के गांव धनौरी की बीपीएल व पिछड़ी जाति की लड़की ने आत्महत्या कर ली।
इंसाफ के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे पीड़िता के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अनीता चौधरी की एकल बेंच ने मंगलवार को हरियाणा सरकार और हरियाणा पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी। याचिका में दोषियों को गिरफ्तार करने और साथ ही प्रभावशाली दोषियों से अपने जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार को निर्देश करने की मांग की गई है।
मृतका के भाइयों भरत सिंह और शमशेर सिंह के अलावा भरत सिंह की पत्नी नीलम ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि पीड़िता की शिकायत पर गढ़ी गांव के ही रमेश और उसके भाई काला के खिलाफ 21 अप्रैल 2013 को छेड़छाड़ करने, रास्ता रोकने और घर में घुसकर मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि रमेश कुमार का ससुर संबंधित थाना गढ़ी का पूर्व एसएचओ रह चुका है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि दोषी प्रभावशाली हैं और इस मामले में पुलिस अफसर भी मिले हुए हैं।
मामले में पुलिस महानिदेशक से लेकर एसपी तक को कार्रवाई के लिए मांग पत्र दिया गया था।
यहां तक कि पुलिस महानिदेशक ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को मामले की जांच गढ़ी थाना पुलिस से स्थानांतरित कर स्टेट क्राइम ब्रांच के हवाले करने का पत्र लिखा लेकिन दोषियों को गिरफ्तार करने की बजाय पीड़िता के खिलाफ झूठी शिकायत देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई ताकि वह दोषियों के खिलाफ मामला वापस ले ले।
सुसाइड नोट में लिखी पुलिस की करतूत
दायर याचिका के साथ पीड़िता का सुसाइड नोट भी संलग्न किया गया है। पीड़िता ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि कुछ पुलिस वालों के खिलाफ एक अन्य मामला जींद थाने में भी दर्ज किया गया था, लेकिन दबाव बनाकर इस मामले में समझौता करवाया गया और अब छेड़छाड़ के मामले में झूठी शिकायत देने की कार्रवाई करके यह मामला भी वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है और वह ऐसे हालात में आत्महत्या कर रही है।