हरियाणा के जिला सिरसा में धोखे से जमीन हथियाने के आरोपियों को गिरफ्तार न किए जाने और थानाध्यक्ष से क्षुब्ध युवा किसान के दो दिन थाने के सामने जहर खाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
पुलिस ने गांव रूपाणा खुर्द निवासी महेंद्र सिंह (30) के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने मुख्य चौक पर यातायात जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते एसएचओ के निलंबन की मांग की।
मौके पर पहुंचे एएसपी ने आरोपियों को दो दिन के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया और जाम खुलवाया। एक घंटे तक जाम में लोग परेशान रहे।
मुख्य चौक पर यातायात जाम करने से चोपटा-सिरसा, चोपटा-नोहर, चोपटा-भट्टू और चोपटा-भादरा रोड पर वाहनों की लाइनें लग गईं। इसकी खबर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियाें को समझाने का प्रयास कियास लेकिन वे युवक के खिलाफ आत्महत्या दर्ज मामले को रद्द करने और चोपटा थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग पर अड़े रहे।
क्या था मामला
गांव के ही कुछ लोगों ने धोखाधड़ी कर महेंद्र के परिवार की जमीन हथियाने की कोशिश की थी, जिसे लेकर उन्होंने पांच लोगों के खिलाफ छह महीने थाना नाथूसरी चोपटा में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।
पुलिस ने तीन आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन दो को आज तक गिरफ्तार नहीं किया। महेंद्र के भाई कुलदीप ने चोपटा थाना प्रभारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते कहा कि थाना प्रभारी ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की एवज में एक लाख रुपये मांगे थे।
उनका भाई महेंद्र थाना में गया तो थाना प्रभारी ने बदसलूकी कर बाहर निकाल दिया। दो दिन पहले महेंद्र सिंह ने चोपटा थाना के सामने कीटनाशक पी लिया था।
एएसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
यातायात जाम करने वाले प्रदर्शनकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा ने मौके पर पहुंचकर समझाने का प्रयास किया। उन्हाेंने प्रदर्शनकारियों से दो दिन का समय मांगते कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
वहीं, थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के बारे में उन्होंने कहा कि महेंद्र के बयान के मुताबिक अगली कार्रवाई की जाएगी। उधर, महेंद्र की हालात अभी भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने उसके अभी तक बयान दर्ज नहीं किए हैं।