80 फीसदी लोग हमारे कुंडली बॉर्डर पर डटे रहने के पक्ष में और हम तीन कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद ही यहां से हटेंगे। बुधवार को हरियाणा के सोनीपत में कुंडली बॉर्डर पर पंचायत कर यह दावा निहंगों ने किया है। उनके समर्थक 12 संगठन भी इस फैसले के पक्ष में हैं। निहंग जत्थेदारों ने कहा है कि इस बारे में आधिकारिक घोषणा गुरुवार शाम को पत्रकार वार्ता कर की जाएगी।
उधर, करीब 4 घंटे तक चली निहंग सिखों की बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा का कोई सदस्य नहीं पहुंचा। कुंडली बॉर्डर पर पंजाब के लखबीर सिंह की नृशंस हत्या के बाद निहंग लगातार चर्चा में थे। निहंगों का दावा है कुंडली बॉर्डर से लौटने या नहीं लौटने के फैसले को लेकर करवाए जनमत संग्रह में 80 फीसदी लोगों ने उन्हें बॉर्डर पर ही रहने की सलाह दी है। अब वह यहां से जाने वाले नहीं हैं। साथ ही कहा कि उनकी एक कॉल पर पूरा पंजाब बॉर्डर पर पहुंच जाएगा। किसान मोर्चा के कुछ नेताओं को छोड़कर सभी किसान उनके साथ हैं। निहंगों ने सभी को पंचायत में बुलाया गया था, लेकिन एसकेएम के नेताओं ने इससे दूरी बनाए रखी।
पंचायत के लिए जुटे निहंग।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन कराया जनमत संग्रह
कुंडली बॉर्डर पर 15 अक्तूबर को धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी का आरोप लगाकर पंजाब के लखबीर सिंह की नृशंस हत्या कर दी गई थी। मामले में 4 निहंगों ने आत्मसमर्पण कर घटना की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद निहंग सिखों पर भी सवाल उठने लगे थे। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के पल्ला झाड़ने के बाद निशाने पर आए निहंग जत्थेदारों ने कुंडली बॉर्डर से लौटने या रुकने को लेकर फैसला लेने से पहले जनमत संग्रह करवाने का निर्णय लिया था। निहंग जत्थेदारों ने कहा कि 17 अक्तूबर के बाद से ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से जनमत संग्रह कराया गया है। लोगों के सुझाव आ रहे हैं। पंजाब, हरियाणा के अलावा यूपी, राजस्थान से भी लोगों ने मोर्चा से वापस नहीं जाने की सलाह दी है। इसके अलावा कनाडा, बेल्जियम, इंग्लैंड, फ्रांस और जर्मनी से भी संगतों ने यहीं डटे रहने को कहा है।
पलविंदर सिंह तलवाड़ा ने कहा, निहंग आंदोलन की जान
किसान पलविंद्र सिंह तलवाड़ा ने मंच से कहा कि निहंग आंदोलन की जान है। 26 जनवरी की घटना में निहंगों ने ही किसानों की रक्षा की थी। उस दिन यदि निहंग जत्थेबंदियां वहां मौजूद नहीं होतीं तो आंदोलन पर बड़ा धब्बा लग सकता था। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब व विदेशों की संगतों ने भी सलाह दी है कि निहंगों को वापस नहीं जाना चाहिए। वहीं निहंग अमन सिंह की मंत्री के साथ फोटो वायरल के मामले में कहा कि इस तरह के हथकंडे अपनाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे मामलों का उन्हें ध्यान रखना होगा।
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यह संगठन निहंग जत्थेबंदियों के समर्थन में आए
बैठक में निहंग बाबा कुलविंद्र सिंह, बाबा जीवन सिंह, चमकौर साहिब से चडत सिंह, राजा राज सिंह, मढ़ियावाला बूढ़ा दल बाबा बलविंदर सिंह, मोया मंडी से बाबा लाल सिंह, बाबा सुखपाल सिंह, बाबा अमन सिंह आदि रहे। वहीं, सरदार पलविंदर सिंह तलवाड़ा, गुरदीप सिंह यूनाइटेड अकाली दल, जसकरण सिंह कानसिंह वाला किसान यूनियन अमृतसर, सिमरनजीत सिंह मान शिरोमणि अकाली दल अमृतसर, देवेंद्र सिंह निर्भक इंटरनेशनल सोसायटी बेल्जियम, जितेंद्र सिंह बेस्टेक मोर्चा मोहाली, कुलवंत सिंह अकाल यूथ, सरदार जसविंदर सिंह यूनाइटेड अकाली दल, नौजवान किसान मजदूर यूनियन से कमलजीत मोहाली आदि संगठनों ने निहंग जत्थेबंदियों का समर्थन किया।
पुलिस कार्रवाई पर नहीं बोले
निहंगों ने पंचायत में पुलिस कार्रवाई पर भी निर्णय लेने को कहा था, लेकिन पुलिस कार्रवाई पर न तो किसी ने आपत्ति की और आगे पुलिस कार्रवाई को रोकने के लिए न ही कोई प्रस्ताव रखा गया।