गांव धोलेड़ा के रहने वाले आशीष यादव पुत्र राधेश्याम का अमेरिका के अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (नासा) में अंतरिक्ष वैज्ञानिक के रूप में चयन हुआ है।
नासा ने इस बार भारत से तीन वैज्ञानिक चुने हैं। तीनों में से आशीष सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक हैं। उनके साथ पूरे विश्व में केवल दस वैज्ञानिकों को इस बार यह मौका मिला है।
आशीष का बचपन नारनौल से करीब 16 किलोमीटर दूर अपने गांव धोलेड़ा में गुजारा।
उसके बाद शहर के पास की शिव कालोनी में रहने वाले आशीष ने कहीं भी कोचिंग नहीं ली। उसने अपनी लगन और कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।
बिना किसी प्रकार की कोचिंग से ही आशीष ने प्रथम प्रयास में ही आईआईटी में राष्ट्रीय स्तर पर ओबीसी में 7वां स्थान प्राप्त किया था और एनईईटी में ओबीसी में राष्ट्रीय स्तर पर 27वां स्थान प्राप्त कर एआईएमएस में राष्ट्रीय स्तर पर 37वां स्थान प्राप्त किया।
सफलता का श्रेय माता-पिता को
आशीष अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता राधेश्याम यादव तथा माता सुमन देवी को देते हुए अपने शिक्षकों का भी अहसान मानते हैं।
आशीष ने बताया कि वे विशेष प्रशिक्षण के लिए नासा में अक्तूबर में जाने वाले हैं। उनका वीजा इस मास तैयार हो जाएगा।
पंद्रह लाख रुपये मासिक वेतन
उन्हें तीन साल के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा इसके बाद वे अंतरिक्ष के उड़ान भरने वाले वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हो जाएंगे। उन्हें यह नियुक्ति पत्र 8 सितंबर को मिला है।
नियुक्ति पत्र के अनुसार उन्हें हर महीने करीब 15 लाख रुपये वेतन मिलेगा।