अवैध संबंधों के कारण प्रेमी के साथ मिलकर अपनी ही चार वर्षीय बच्ची की हत्या का आरोप एक मां पर लगा है।
सबूत मिटाने के लिए शव को गड्डा खोदकर जमीन में दबा दिया गया। मामला उजागर होने पर पुलिस ने बुधवार दोपहर नायब तहसीलदार की उपस्थिति में शव को जमीन से निकाल कर नारनौल के सिविल अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने आरोपी महिला गांव दौंगड़ा अहीर निवासी सुनीता और उसके प्रेमी जितेंद्र उर्फ जीतू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है, जबकि प्रेमी फरार है।
गांव दौंगड़ा अहीर निवासी प्रीतमलाल की पत्नी सुनीता 12 दिसंबर को अपने प्रेमी गांव के ही जितेंद्र उर्फ जीतू के साथ दो बच्चों सहित फरार हो गई थी, महिला का पति मजदूरी पर गया हुआ था। दोपहर बाद जब प्रीतम घर लौटा तो उसकी पत्नी, बच्ची नेहा और मंजीत नहीं मिले। प्रीतम ने कनीना थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस अभी महिला को तलाश रही थी कि सुनीता 20 दिसंबर को अचानक एक बच्चे के साथ दौंगड़ा अहीर लौट आई। परिजनों द्वारा जब महिला से बच्ची नेहा के बारे में पूछा तो पहले तो वह उन्हें गुमराह करती रही, लेकिन जब महिला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। महिला ने बताया कि वह भागकर नारनौल चली गई थी। यहां वह जितेंद्र के साथ मोहल्ला माली टिब्बा में मकान किराए पर लेकर रहनी लगी।
19 दिसंबर को दोनों बच्चों को कोई जहरीला पदार्थ खिलाया दिया। इससे दोनों बच्चों की तबियत बिगड़ गई। इससे वे दोनों घबरा गए और भंडा फूट जाने के डर से बच्चों को लेकर नारनौल सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां करीब ढाई बजे के लगभग नेहा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि मंजीत की तबियत में सुधार हो गया। तब जितेंद्र ने प्रीतमलाल के हस्ताक्षर कर शव का पोस्टमार्टम न करवा कर प्राप्त कर लिया। इसके बाद खुशीराम व प्रभु के साथ माली टिब्बा के नजदीक जमीन में बच्ची का शव दबा दिया। पुलिस ने निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद कर लिया है।