कंप्यूटर छात्रा मोनिका आत्महत्या मामले का पटाक्षेप करते हुए पुलिस ने सुसाइड के लिए मजबूर करने के आरोपी कलानौर निवासी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया।
जांच पड़ताल में खुलासा हुआ कि पिछले डेढ़ साल से युवक ने छात्रा को अपने झांसे में ले रखा था और अब शादी से इंकार करने पर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश करेगी।
25 सितंबर की दोपहर को गांव बलियाना निवासी कंप्यूटर स्टूडेंट का शव संदिग्ध परिस्थितियों में छोटूराम बहुतकनीकी संस्थान की छत पर पड़ा हुआ मिला था। साथ ही पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला था। इसमें लिखा था कि चार युवतियां और एक युवक उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं। उसे धमकी दी जा रही है कि अगर पांच लाख रुपये नहीं दिए तो उसकी वीडियो क्लिपिंग नेट पर डाल दी जाएगी। पुलिस अब सुसाइड नोट की असलियत की भी जांच करेगी।
एसपी राजेश दुग्गल ने डीएसपी अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में टीम बनाई। जांच में पता चला कि अंतिम बार कलानौर निवासी अंकुश ने मोनिका के मोबाइल पर एसएमएस किया था। शुक्रवार शाम को पुलिस ने अंकुश को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। अंकुश ने पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए पुलिस को बताया कि पिछले डेढ़ साल से मोनिका की उसके साथ दोस्ती थी और दोनों शादी करना चाह रहे थे।
20 सितंबर को मोनिका उसके साथ जाने के लिए घर से नकदी व जेवरात लेकर आई थी, परंतु अंकुश से बात कर वापिस अपने घर चली गई। 21 सितंबर को दुबारा छात्रा अंकुश से मिलने आई, लेकिन उसने शादी से इंकार कर दिया। बारिश के कारण छात्रा का मोबाइल फोन खराब हो गया। जांच के लिए खराब फोन को लैब में भेजा जाएगा।
सुसाइड केस में शादी से इंकार करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिराम और उनकी टीम ने मामले का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाई।
- अनिल कुमार, डीएसपी, रोहतक