डाॅ. मिश्रा ने बताया कि मॉक अभ्यास से पहले जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश मिले हैं। नागरिकों के लिए सभी जोखिम भरे वास्तविक जीवन सिमुलेशन से बचा जाएगा और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन सेवाओं के प्रशिक्षित कर्मी सभी बचाव अभियान चलाएंगे।
एक अगस्त को मॉक ड्रिल की तैयारियों के मद्देनजर बुधवार को मानेकशॉ केंद्र, दिल्ली, विभिन्न केंद्र, राज्य और जिला अधिकारियों के प्रतिक्रियाकर्ताओं के साथ अभ्यास पर चर्चा और परीक्षण आयोजित किया गया है। देश के 18 जिलों में हरियाणा के पांच जिलों में मॉक ड्रिल तय किया गया है।
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प्रत्येक जिले में पांच स्थानों पर लाइव सिमुलेशन होंगे, इनमें एक स्कूल, सरकारी भवन, आवासीय क्षेत्र, अस्पताल और औद्योगिक क्षेत्र शामिल होंगे। यह जानकारी वित्त आयुक्त राजस्व (एफसीआर) डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी। एक अगस्त को पूर्ण रूप से अभ्यास के दौरान सुबह 9:00 बजे सायरन बजेगा।
डाॅ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ मिलकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद, नूंह और पलवल में अभ्यास चक्र चलाया जाएगा। इस उद्देश्य भूकंप और औद्योगिक रासायनिक खतरों जैसी बड़े पैमाने की आपदाओं की स्थिति में वास्तविक समय की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमताओं का गहन मूल्यांकन और मजबूत करना है।
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डाॅ. मिश्रा ने बताया कि मॉक अभ्यास से पहले जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश मिले हैं। नागरिकों के लिए सभी जोखिम भरे वास्तविक जीवन सिमुलेशन से बचा जाएगा और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन सेवाओं के प्रशिक्षित कर्मी सभी बचाव अभियान चलाएंगे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में एक राज्यस्तरीय डीब्रीफिंग और फीडबैक सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें अभ्यास का मूल्यांकन किया जाएगा।