सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को बतौर मिड डे मील अब मिस्सी रोटी और सोया पूरी का स्वाद मिलेगा। स्कूली छात्रों के सेहत को ध्यान में रखते हुए मौलिक शिक्षा निदेशालय ने मिड डे मील की योजना में बदलाव कर दिया है। नया मेन्यू एक अप्रैल से लागू होगा। इस बाबत हरियाणा मौलिक शिक्षा महानिदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों समेत इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन के निदेशक को पत्र जारी कर दिया है।
दरअसल, सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए मिड डे मील योजना चलाई जा रही है। इस सत्र तक मेन्यू में 16 व्यंजन थे। जिन्हें संशोधित कर नए सत्र के लिए मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के लिए 10-10 व्यंजनों की सूची तैयार की है। संशोधित व्यंजन सूची से मीठी खीर, चावल राजमा, भरवां पराठा और आटे की सेवियों को बाहर कर दिया है।
ये नए व्यंजन किए शामिल
विभाग की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक अब गेहूं सोया पूरी को शामिल किया गया है। इसके अलावा अब बच्चों को सादी रोटी के बजाय मिस्सी रोटी मिलेगी। कढ़ी में अब पकौड़े भी डाले जाएंगे। यही नहीं पुलाव में आलू के साथ साथ मौसमी सब्जियां भी मिक्स की जाएंगी। मीठा दलिया अब घी में भूनकर बनाया जाएगा। क्योंकि अब इसमें रिफाइंड का प्रावधान भी कर दिया गया है। दाल भी साधारण नहीं, बल्कि घीया व कद्दू वाली दाल मिलेगी।
विभाग ने यह किया है संशोधन
निदेशालय के मुताबिक नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन से संशोधित व्यंजन के अनुसार छात्रों को मिड डे मील परोसा जाए। एक सप्ताह में चार दिन चावल से व दो दिन गेहूं से व्यंजन तैयार करना जरूरी किया गया है। विभाग ने हिदायत दी है कि कोई भी व्यंजन सप्ताह में दो बार नहीं पकेगा।
अब बच्चों को सेवैयां नहीं मिलेंगी। सेवैयां को दूध के साथ मिलाकर बनाया जाता था। इसके अलावा अब खीर भी हटा ली गई है। रोटी व आलू मटर की सब्जी भी थाली में नहीं होगी। राजमा चावल और भरवां परांठों का स्वाद भी बच्चे अब नहीं ले सकेंगे।
प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी: विभाग ने नए मेन्यू का पत्र जारी कर दिया है। स्कूलों में मिड डे मिल पहुंचाने वाली संस्था इस्कॉन को भी सूचना दे दी गई है। एक अप्रैल से स्कूलों में छात्रों को बेहतरीन खाना मिलेगा।