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Haryana: अस्पताल में नाबालिग से दुष्कर्म मामला, महिला आयोग की अध्यक्ष ने लिया एक्शन, तीन नर्सें सस्पेंड

Sun, 07 Jun 2026 05:50 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र

सार

चेयरपर्सन ने स्टाफ से कहा कि यदि यह आपकी अपनी बेटी होती तो क्या आप उसे इस तरह अकेले छोड़ देते। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है।
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अस्पताल पहुंचीं रेनू भाटिया - फोटो : संवाद
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विस्तार
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लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र शैली के मामले में रविवार को हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने अस्पताल पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल की। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रशासन, सीएमओ, पीएमओ, स्टाफ नर्सों और अन्य कर्मचारियों से तीखे सवाल पूछे तथा सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक पर कड़ी नाराजगी जताई। वहीं, तीन नर्सों को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। 

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 रेनू भाटिया ने ओपीडी, संबंधित स्टाफ और अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्टाफ नर्सों से सवाल किया कि आखिर नाबालिग बच्ची को आरोपी डॉक्टर के साथ अकेला क्यों छोड़ा गया। ओपीडी में मौजूद किसी कर्मचारी ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया।
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चेयरपर्सन ने स्टाफ से कहा कि यदि यह आपकी अपनी बेटी होती तो क्या आप उसे इस तरह अकेले छोड़ देते। उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।

रेनू भाटिया ने यह भी पूछा कि आरोपी डॉक्टर बच्ची को 100 रुपये क्यों दे रहा था और उस समय वहां मौजूद किसी कर्मचारी ने इस पर संदेह क्यों नहीं जताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की हर स्तर पर जांच की जाएगी और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।

अस्पताल में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जा सकतीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाली प्रत्येक महिला और बच्ची की सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं भी कमी पाई गई तो जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा।
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महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि आयोग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर पहलू की जांच की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटना से जुड़ी सभी रिपोर्ट और दस्तावेज भी तलब किए।

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