नाबालिग रेप पीड़िता के गर्भपात और डीएनए जांच की याचिका को मंजूर करते हुए कोर्ट ने इजाजत दे दी है। पुलिस और परिजनों की तरफ से कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी।
गत 30 जुलाई को पिंजौर निवासी एक व्यक्ति की बेटी को बिहार से 30 जुलाई को लाया गया था। क्योंकि उसे साजन नाम का एक युवक शादी का झांसा देकर 22 अप्रैल को किडनैप कर ले गया था।
पिंजौर थाने में मामला दर्ज होने के बाद तलाश शुरू हुई तो पता चला कि युवक-युवती नेपाल बोर्डर के साथ लगते बिहार के एक गांव मे हैं।
तब पुलिस ने रेड कर वहां से युवक-युवती को पंचकूला कोर्ट में पेश किया गया, जहां युवती ने साजन पर बलात्कार के आरोप लगाए।
इसके बाद युवती का मेडिकल हुआ तो उसमें रेप की पुष्टि हुई। जिसके बाद रेप की धारा भी पहले केस में एड कर दी गई।
डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी के एडवोकेट मनबीर राठी ने बताया कि गत शनिवार को युवती का मेडिकल कराया गया था। जिसमें सामने आया कि वह सात सप्ताह के गर्भ से है।
इसी के चलते डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी और पुलिस के जांच अधिकारी की तरफ से डीएनए जांच के साथ गर्भपात कराने की अर्जी दाखिल की गई थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर दिया।