न्यूनतम वेतन बढ़ाने की घोषणा के बाद यू-टर्न लेकर हो रही आलोचना के बाद राज्य सरकार ने अब इस दिशा में कागजी कार्यवाही शुरू कर दी है। सरकार ने निजी कंपनियों में न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड का गठन कर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
बोर्ड में फरीदाबाद के दो यूनियन नेताओं बेचू गिरी, एसडी त्यागी और एक औद्योगिक प्रतिनिधि राजीव चावला को जगह दी गई है। यूनियन नेताओं का कहना है कि वे न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखेंगे, जबकि सरकार ने इसे 8100 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की थी।
बेचू गिरी का कहना है कि वे सरकार के सामने श्रमिकों की स्थिति और बढ़ी महंगाई को लेकर आंकड़े पेश करेंगे। इसके बाद पूछा जाएगा कि 5300 रुपये में कैसे कोई व्यक्ति बाहर से आकर फरीदाबाद, गुड़गांव, पानीपत व अंबाला जैसे शहरों में काम कर सकता है।
उधर, औद्योगिक प्रतिनिधि ने सिर्फ इतना कहा कि तीन फरवरी को बोर्ड की बैठक के बाद मिलकर तय कर लेंगे। अभी कुछ बोलना ठीक नहीं।
बोर्ड में शामिल अन्य श्रमिक प्रतिनिधियों में सोनीपत के सुरेंद्र मलिक, करनाल के राम स्वरूप और पानीपत से जंग बहादुर सिंह हैं। उद्यमियों में गुड़गांव से गौतम नायर, जगाधरी से राजेंद्र गुप्ता, पानीपत से रामनिवास एवं रोहतक से गुलशन नारंग शामिल हैं।
सरकार की ओर से श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रधान सचिव बोर्ड के चेयरमैन होंगे। इसके अलावा, इसमें आर्थिक एवं सांख्यिकीय सलाहकार, श्रमायुक्त, आईआरएस यशपाल एवं सेवानिवृत्त प्रोफेसर आईआर कुंडू भी शामिल हैं।