हरियाणा के जिला जींद में मनरेगा मजदूरों ने अपनी लंबित मांगों के स्थायी समाधान के लिए रविवार को गोहाना रोड पर लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया।
भवन निर्माण मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह ने मनरेगा मजदूरों को समर्थन दिया। मनरेगा मजदूरों और जन संघर्ष मंच ने निर्णय लिया कि सोमवार को मनरेगा मजदूर शहर में प्रदर्शन करेंगे और उपायुक्त राजीव रतन को ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने कहा कि मांगें न माने जाने तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। भवन निर्माण कार्य मजदूर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह ने कहा कि सरकार मजदूरों के हित में कई योजनाएं शुरू करने के दावे कर रही है, लेकिन उनपर अमल नहीं कर रही है।
उन्होंने मांग की कि सरकार मनरेगा मजदूरों को एक वर्ष में 50 दिन की बढ़ोतरी लागू करे और वर्ष में 200 दिन की रोजगार की गारंटी दी जाए, मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी 500 रुपये की जाए, मजदूर, मेट, सहायकों को अकुशल, अर्द्धकुशल एवं कुशल श्रमिकों की श्रेणी में रखते हुए संगठित क्षेत्र के श्रम कानून की परिधि में लाया जाए, मनरेगा की कार्य सूची के कार्यों को ठेकों पर न देने के लिए अधिसूचना जारी हो, मनरेगा मजदूरों को भवन एवं अन्य सहनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण करना सुनिश्चित किया जाए।
धरने के दौरान मजदूरों ने सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर ऋषिराम, फतेह सिंह, पाल सिंह, हवा सिंह, राजबीर, फकीरचंद, महाबीर मौजूद थे।