प्रदेशभर में पिछले दस दिनों से बहुचर्चित दहेज में क्रेटा गाड़ी मांगने के मामले में वीरवार को तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपी सोनू व उसके पिता कालूराम तथा माता मैना को न्यायाधीश सोहनलाल मलिक की अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें जमानत मिल गई।
पुलिस ने दहेज में दिया सामान किया परिजनों के हवाले
पुलिस दहेज की मांग करने वाले धनौंदा के इस परिवार से 20 नवंबर को लड़की वालों की तरफ से दिए गए सामान को भी गाड़ी में डालकर थाने ले आई। थाने में लड़की पक्ष को यह सामान सौंप दिया गया।
आकोदा निवासी सुरेंद्र सिंह की पुत्री का विवाह धनौंदा निवासी सोनू से तय किया गया था। करीब एक वर्ष पूर्व यह रिश्ता तय हुआ था तो उस समय किसी प्रकार के दहेज की मांग नहीं की गई थी। 20 नवंबर को सुरेंद्र सिंह अपने परिवार, रिश्तेदारों तथा समाज के लोगों के साथ गांव धनौंदा जाकर लगन की रस्म अदा कर आए थे। लगन देने के बाद देर शाम सोनू और उसकी मां ने लड़की के भाई के मोबाइल पर फोन कर दहेज में दिए गए सामान को लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद इसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण वर पक्ष बरात लेकर आकोदा नहीं आया। हालांकि लड़के का पिता कुछ व्यक्ति लेकर गांव आकोदा पहुंचा और समझौते की पेशकश की थी, जिसे लड़की पक्ष वालों ने नकार दिया था।
प्रदेश भर में वायरल हुआ ऑडियो
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के गांव आकोदा व धनौंदा मामले का ऑडियो प्रदेश भर में वायरल हुआ था। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने भी जमकर इसका विरोध किया। फेसबुक से लेकर वाट्सप स्टेटस लगाकर लोगों ने लड़के व उसके परिवार पर कमेंट भी किए। दहेज में क्रेटा की मांग के मामले पर रागनी तक बनाई गई है।
वीरवार को दहेज की मांग करने के मामले में तीनों आरोपियों को न्यायाधीश सोहनलाल मलिक की अदालत में पेश किया गया जहां जमानत मिल गई। लेकिन मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जांच अधिकारी, बाबूलाल
महेंद्रगढ़ में आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर जाती पुलिस। संवाद- फोटो : Narnol