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महिला किसानों ने सरकार को सुनाई खरी खोटी, किया प्रदर्शन

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नारनौल में डीएपी खाद नहीं मिलने से विरोध प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : Narnol
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नारनौल। जिले के सभी केंद्रों पर वीरवार को भी खाद नहीं पहुंची। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं किसानों गुस्से का सामना बिक्री केंद्र के कर्मचारियों को भी करना पड़ा। कुछ तथाकथित किसानों ने खाद को लेकर नारनौल को-ऑपरेटिव सोसायटी के कर्मचारियों के साथ हाथापाई की। नारनौल में किसानों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा जमकर नारेबाजी की।
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नारेबाजी करने में महिलाएं भी पीछे नहीं रही। उन्होंने भी सरकार को खरी खोटी सुनाई। इस मौके पर किसानों ने कहा कि सरसों यहां की मुख्य फसल है। फसल की बीजाई के लिए सरकार खाद उपलब्ध नहीं करवा पा रही। पिछले पांच दिनों से किसान परेशान हैं। युवा, बेटा, बेटी, बहु, बुजुर्ग सुबह छह बजे भूखे प्यासे डीएपी खाद के लिए आकर लाइन में आकर खड़े होते हैं और शाम चार बजे तक खडे रहकर बिना खाद लिए चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है। जिले के किसानों का न तो बाजरा खरीदा जा रहा और न ही उनको खाद मिल रहा। भावांतर के पैसे भी अभी तक उनके खाते में नहीं डाले गए हैं। किसानों के साथ ऐसा अत्याचार पहले कभी नहीं हुआ।
- बेकाबू भीड़ ने कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई
शनिवार के बाद से ही नारनौल में पर्याप्त डीएपी खाद नहीं आई है। ऐसे में किसान का इंतजार बढ़ता जा रहा है तो उनका गुस्सा भी बढ़ रहा है। बुधवार को नारनौल बिक्री केंद्र के कर्मचारियों के साथ बेकाबू भीड़ द्वारा हाथापाई करने की बात सामने आई। जिस पर कर्मचारियों ने भाग कर अपनी जान बचाई। बाद में भीड़ जाने के बाद दोबारा कर्मचारी अपना कार्यालय खोला। बिक्री केंद्र पर प्रतिदिन किसानों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसानों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है।
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-मंडी में व्यापारी के यहां रखे खाद के कट्टे चुराए
निजामपुर निवासी पुष्पेंद्र नामक युवक के अज्ञात लोग खाद के कट्टे चुरा ले गए। युवक ने पांच कट्टे खाद खरीदने के बाद बिक्री केंद्र के पास व्यापारी की दुकान पर अन्य सामान के साथ ले जाने के लिए रखे थे। मगर जब अपने खाद के कट्टे लेने दुकान पर आया तो उनमें दो कट्टे कम थे। इस पर युवक ने व्यापारी से पूछताछ की, लेकिन व्यापारी को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इस पर वहां लगे सीसीटीवी कैमरे देखे गया। जिसमें 2-3 युवक दो खाद के कट्टे ले जाते हुए दिखाई दे रहे है। पीड़ित युवक पुलिस को शिकायत देने की तैयारी कर रहा था।
बता दें महेंद्रगढ़ जिला कृषि पर निर्भर है। इस जिले के लगभग 80 प्रतिशत लोग खेती करते हैं। पानी के अभाव में यहां के किसान वर्ष में मात्र दो फसल ले पाते हैं। खरीफ के समय यहां बाजरा तथा रबी में सरसों की फसल की सबसे अधिक खेती की जाती है। अब किसान रबी की फसल बोने का समय है लेकिन पिछले कुछ दिनों से उनको खाद नहीं मिल रहा। खाद की कमी के चलते वो सरसों की बीजाई नहीं कर पा रहे।
सुबह छह बजे बिना नहाये धोये और भूखे प्यास आकर खड़े हुए थे। अभी 12 बजे गया हैं लेकिन किसानों के लिए यहां पानी तक की सुविधा नहीं है। पिछले पांच दिन से परेशान चल रहे है लेकिन खाद नहीं मिल रहा।-लीलाराम, किसान।
मैं 15 किलोमीटर दूर मारौली गांव से सुबह छह बजे आ गया था। पहले तो कर्मचारियों ने कहा कि दोपहर तक खाद आ जाएगा। अब बोल रहे हैं कि 17 तारीख को आएगा। सुबह से भूखे प्यास आकर खड़े हुए थे। पानी की सुविधा भी यहां नहीं है।-लालाराम, किसान
यहां किसानों को न तो खाद मिल रहा और न ही बीज समय पर मिलता। प्रदेश सरकार जमीदारों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। किसान अपना सारा काम छोड़कर यहां आ जाते हैं। पांच दिन से चक्कर लगा रहे हैं। बावजूद इसके खाद नहीं मिल रहा।- राजकुमार,
रोज सुबह आकर खड़े होत हैं और शाम को खाली हाथ ही वापस जाना पड़ता है। अगर खाद नहीं आ रहा तो अधिकारी किसानों को बता दे कि खाद उस तारीख को आएगा ताकि किसान परेशान तो न हो। बुधवार को 70-80 कट्टे इन्होंने बचाकर रखे थे वो भी वितरित नहीं किए।-विनोद कुुमार।
वर्जन:
कल हमारे पास 400 कट्टे आए थे वो किसानों में वितरित कर दिए गए हैं। आज खाद की गाड़ी नहीं आई। 17 अक्तूबर को आने की उम्मीद है। खाद आने के बाद किसानों में वितरित कर दिया जाएगा। -रामेश्वर दयाल, सेल्समैन

नारनौल में डीएपी खाद लेने के लिए लाइन में लगे किसान।- फोटो : Narnol

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