निजामपुर। राजस्थान सीमा पर बसे गांव बायल में पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार सुबह निजामपुर-पाटन सड़क पर जाम लगा दिया। जाम सुबह 11 बजे से 2 बजे तक लगा रहा। जिसके चलते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। जिससे वाहन चालकों को भीषण गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं जाम की सूचना पाकर निजामपुर थाना प्रभारी एसआई वीरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करके ग्रामीणों का समझा-बुझाकर कर जाम खुलाया।
जाम लगा रहे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक महीने से पेयजल जल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने अपने स्तर पर विभागीय अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पानी के टैंकर द्वारा पानी सप्लाई की जाती थी, लेकिन पिछले एक हफ्ते से गांव में पेयजल समस्या अधिक गहरा गई है। पहले गांव में लगे चार बोरवेल में पर्याप्त पानी मिल जाता था, लेकिन पहाड़ियों में लीज पर हैवी ब्लास्टिंग से भूमिगत जल स्तर गहराई पर चले जाने से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नलकूप भी नकारा हो गए है। नाबार्ड योजना से फिल्टर पानी की मात्रा बहुत कम हो गई। जिस कारण ग्रामीणों को दूरदराज से पानी के टैंकरों मंगवाकर पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार हर घर नल से पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन यहां पिछले एक माह से पेयजल संकट बना हुआ है। वहीं नहरों में भी टेल तक पानी पहुंचाने का दावा कर रही है, मगर यहां न तो नहरों में पानी पहुंचा है और गांव में बरसात के पानी को रोकने के लिए डैम की व्यवस्था की गई। जनप्रतिनिधि केवल ग्रामीणों को आश्वासन दे रहे हैं। जबकि उनकी समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि बायल गांव से लीज व पांच दर्जन पत्थर ग्राइंडिंग प्लांट लगी हुई है। इनकी डस्ट उनके घरों में खेतों में आती है। जिससे गांव में बीमारियां फैलने लगी हैं।
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समाधान का आश्वासन देकर खुलवाया जाम
जाम में फंसे लोगों ने डायल नंबर 112 पर सूचना दी। जिसके बाद निजामपुर पुलिस थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम खुुलाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण समाधान नहीं होने तक जाम नहीं खोलने की बात पर अड़ गए। इसके बाद थाना प्रभारी ने मौके पर ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की और ग्रामीणों को 5 दिन में पेयजल समस्या का समाधान करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।