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ग्रामीणों ने पावर हाउस किया बंद

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बवानिया 33 केवी पावर हाउस में बिजली सप्लाई बाधित रहने को लेकर 11 गांवों के ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर ग्रामीणों को कर्मचारियों से सभी गांवों की लाइट कटवा दी। बाद में कर्मचारियों को बाहर कर पावर हाउस के दो गेट पर कुंडी लगाकर धरने पर बैठ गए। इस मौके पर उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी। इससे पूर्व सोमवार-मंगलवार की रात को भी ग्रामीण पावर हाउस पहुंचकर हंगामा किया तथा पावर हाउस बंद कर दिया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने उनको शांत करवाया तथा बिजली ठीक करवाने का आश्वासन दिया।
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ग्रामीणों ने बताया कि 21 साल पहले बवानियां पावर हाउस में 33 केवी सब स्टेशन स्थापित हुआ था। इस पावर हाउस से गांव बवानियां, गागड़वास, बचीनी, नांगल हरनाथ, खेडा, सुरजनवास, मेघनवास, बुचौली, चितलांग, देवास, डुलाना आदि गांव जुड़े हुए हैं। बवानियां पावर हाऊस की लाइट 132 केवी कनीना से आती है। 21 साल पुराने तार और डिस जर्जर हो चुके है जिससे यह कभी या तो फाल्ट हो जाते या फिर तार टूटकर गिर जाते है। इन सभी बातों के चलते ग्रामीणों को इससे परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण बवानिया पावर हाउस को कनीना से हटाकर 132 केवी मोहन पुर पावर हाउस से जोड़ने की कई बार मांग कर चुके हैं। कनीना पावर हाउस में आए दिन बिजली बाधित रहती है। तीन दिन पहले भी 11 घंटे बिजली बाधित रही थी। प्रशासन को बार-बार अवगत करवाने पर वो नहीं मान रहे तो इसलिए मजबूरी में उन्होंने पावर हाउस को बंद करना पड़ा और प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा। बिजली निगम के एक्सईएन बुधराम पहुंचे, ग्रामीण को समझाने का प्रयास किया लेकिन वो अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे। इसके बाद कनीना डीएसपी राजीव कुमार तथा थाना प्रभारी संतोष पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने के बाद ग्रामीणों उनकी बात मान गए।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को शाम 5 बजे गांवों की लाइट गुल हो गई थी जब बिजली कर्मचारियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि कनीना पावर हाउस में बक्शा फट गया। गुस्साए ग्रामीण रात लगभग 10:30 बजे बवानिया पावर हाउस पहुंच गए वहां पर उन्होंने हंगामा किया। उनका यह हंगामा लगभग डेढ़ बजे तक चलता रहा। सूचना पाकर मौके पर कनीना, महेंद्रगढ़ तथा दौंगड़ा पुलिस पहुंची। बाद में ग्रामीणों ने उनको समझाया उसके बाद वो शांत हुए।
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इस प्रकार रात को और दिन में पावर हाउस बंद करना वो गलत है। जिन्होंने यह कार्रवाई की उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। ग्रामीणों की मांग कोई भी जायज नहीं थी। फाल्ट आ जाता है तो उसको ठीक करने में समय लगता है। -बुधराम पंवार, बिजली निगम, एक्सईएन।
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