नारनौल। स्थानीय अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में वीरवार को आरोपी वेदप्रकाश को दो साल की सजा व शिकायतकर्ता को चेक की राशि का दोगुना यानी दस लाख रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। यह मामला वर्ष 2021 का है जिसमें शिकायतकर्ता अजयपाल उर्फ विजयपाल निवासी गांव सिलारपुर कटकई ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
जानकारी के अनुसार अजयपाल की जान-पहचान वेदप्रकाश से पहले से थी। इसी संबंध के चलते अजयपाल ने वर्ष 2021 में वेदप्रकाश को घर खर्च व अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पांच लाख रुपये उधार दिए थे। जब अजयपाल ने कई बार रकम वापस मांगी तो वेदप्रकाश टालमटोल करता रहा। लगातार आग्रह के बाद उसने अजयपाल को पांच लाख रुपये का एक चेक दे दिया।
शिकायतकर्ता ने चेक को बैंक में प्रस्तुत किया लेकिन खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद अजयपाल ने अपने वकील के माध्यम से वेदप्रकाश को कानूनी नोटिस भेजा, मगर आरोपी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई और न ही रकम लौटाई गई।
मजबूर होकर शिकायतकर्ता ने अदालत में मामला दर्ज कराया। सभी तर्कों और साक्ष्यों को सुनने के बाद नारनौल की न्यायिक दंडाधिकारी कोपल चौधरी की अदालत ने आरोपी वेदप्रकाश को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त न केवल चेक की दोगुनी राशि यानी दस लाख रुपये शिकायतकर्ता को लौटाए बल्कि उसे दो वर्ष के कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। अदालत का यह फैसला चेक बाउंस मामलों में सख्त कानूनी प्रावधानों और वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बनाए रखने के महत्व को दर्शाता है।